स्पा सेंटरों पर पुलिस का शिकंजा: गाइडलाइन उल्लंघन पर छह पुरुष गिरफ्तार

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Main Accused Who Swindled ₹11.54 Lakh Using Fake Land Leases Arrested
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जयपुर। राजधानी में अवैध रूप से संचालित स्पा सेंटरों और उनकी आड़ में संचालित गतिविधियों के खिलाफ जयपुर पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। पुलिस आयुक्तालय की ओर से जारी दिशा-निर्देशों की अवहेलना करने पर बजाज नगर थाना पुलिस ने क्षेत्र के स्पा सेंटरों पर विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की। इस दौरान दो स्पा सेंटरों में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर छह पुरुषों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस उपायुक्त जयपुर पूर्व रंजीता शर्मा ने बताया कि पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल के निर्देश पर शहर में स्पा सेंटरों की नियमित निगरानी और जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आलोक कुमार सिंघल तथा सहायक पुलिस आयुक्त मालवीय नगर विनोद शर्मा के सुपरविजन में संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम का नेतृत्व बजाज नगर थानाधिकारी रामधन डोभाल ने किया।

पुलिस टीम ने बजाज नगर थाना क्षेत्र में संचालित करीब 11 स्पा सेंटरों के संचालकों को पहले ही पुलिस आयुक्तालय की गाइडलाइन की जानकारी देते हुए नियमों की पालना के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद कई केंद्रों पर नियमों की अनदेखी जारी रही।

तीन जून को पुलिस टीम ने महिला पुलिसकर्मियों के साथ विभिन्न स्पा सेंटरों पर औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान दो स्पा सेंटरों में गाइडलाइन का उल्लंघन पाया गया। इस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छह पुरुषों को बीएनएसएस की धारा 170 के तहत गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस आयुक्तालय की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार स्पा सेंटरों में पुरुष और महिला ग्राहकों के लिए अलग-अलग खंड और प्रवेश द्वार होना आवश्यक है। स्पा सेवाएं बंद कमरों में नहीं दी जा सकतीं तथा कमरों में अंदर से कुंडी या बोल्ट लगाने की अनुमति नहीं है।

सभी ग्राहकों का पहचान पत्र, मोबाइल नंबर और अन्य विवरण रजिस्टर में दर्ज करना अनिवार्य है। स्पा सेंटर परिसर का उपयोग आवासीय उद्देश्य के लिए नहीं किया जा सकता।

इसके अलावा सभी थेरेपिस्ट के पास मान्यता प्राप्त संस्था का प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र या डिप्लोमा होना चाहिए। सभी कर्मचारियों की आयु 18 वर्ष से अधिक होना आवश्यक है तथा उन्हें पहचान पत्र पहनना होगा।

किसी भी कर्मचारी को नियुक्त करने से पहले पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट (पीसीसी) लेना जरूरी है। संचालक अथवा कर्मचारी के खिलाफ अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम या पोक्सो अधिनियम से संबंधित कोई मामला नहीं होना चाहिए।

प्रत्येक स्पा सेंटर के बाहर नाम, लाइसेंस नंबर और संचालन समय का स्पष्ट प्रदर्शन आवश्यक है। रिसेप्शन पर हिंदी और अंग्रेजी में डिस्प्ले बोर्ड लगाना भी अनिवार्य है, जिसमें साइट प्लान, स्टाफ का विवरण, बेड की संख्या तथा हेल्पलाइन नंबर 112 और 181 अंकित हों।

कार्रवाई करने वाली टीम में थानाधिकारी रामधन डोभाल, उपनिरीक्षक गिरवर सिंह, हेड कांस्टेबल अनिल, कांस्टेबल रामवतार, भरत लाल, महेंद्र कुमार, नाहर सिंह, महिला कांस्टेबल अन्नपूर्णा तथा वाहन चालक अजय सिंह और जगन सिंह शामिल रहे।

पुलिस उपायुक्त जयपुर पूर्व रंजीता शर्मा ने बताया कि स्पा सेंटरों के विरुद्ध जांच और कार्रवाई का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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