जयपुर। सांगानेर के श्री तिवड़िया बालाजी धाम स्थित हनुमान मंदिर मैदान में श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर बालयोगी बालकृष्ण दास महाराज के सानिध्य में आयोजित गोपुष्टी महायज्ञ एवं श्रीमद् भक्तमाल कथा का चतुर्थ दिवस भी श्रद्धा और भक्ति के माहौल में संपन्न हुआ। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं भक्तों ने भाग लेकर धर्म लाभ प्राप्त किया।
इस आयोजन से जुड़े जोई राम सोई राम महाराज ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पधारकर धर्म कार्य में सहभागी बनने और आयोजन को सफल बनाने की अपील की। कथा प्रवक्ता आचार्य बालयोगी नामिनाथ दास महाराज ने भक्तमाल में वर्णित भक्त चंद्रहास का प्रेरक प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि सच्ची निष्ठा, दृढ़ संकल्प और कठिन परिश्रम से व्यक्ति जीवन में किसी भी सफलता को प्राप्त कर सकता है। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए एक लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने, भक्ति और सत्संग से जुड़ने तथा संस्कार और चरित्र निर्माण को जीवन का आधार बनाने का संदेश दिया।
कथा के दौरान प्रस्तुत भजनों पर श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर झूम उठे। वक्ताओं ने नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, धर्म और सत्संग से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। वहीं सायंकाल आयोजित रासलीला में वृंदावन से आए कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण की मनोहारी लीलाओं का भावपूर्ण मंचन किया। रात्रि तक चले कार्यक्रम में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही और पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान रहा।



















