चित्रकूट। तीर्थक्षेत्र चित्रकूट में बाढ़ से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए श्रीतुलसीपीठ सेवा न्यास और रामानन्द मिशन की ओर से व्यापक राहत अभियान शुरू किया गया है। अभियान के तहत बाढ़ से प्रभावित करीब 1000 जरूरतमंद परिवारों और आश्रमों तक राहत सामग्री पहुंचाने का संकल्प लिया गया है। बाढ़ में घर और रोजमर्रा का सामान गंवा चुके परिवारों को आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराकर उन्हें राहत देने का प्रयास किया जा रहा है।
अभियान के तहत विशेष बाढ़ राहत किट तैयार की गई हैं। इनमें गद्दा, रजाई, मच्छरदानी, चादर, दरी और चटाई जैसी शयन एवं आवास से जुड़ी सामग्री शामिल है। इसके अलावा बाथरूम व स्वच्छता किट, चार थाली, चार गिलास, राशन सामग्री और पहनने के लिए आवश्यक कपड़े भी किट में रखे गए हैं।
बीहड़ जंगलों में साधना कर रहे संतों तक भी पहुंची सेवा
राहत अभियान केवल बाढ़ प्रभावित बस्तियों तक सीमित नहीं है। रामानन्द मिशन के कार्यकर्ताओं ने चित्रकूट के बीहड़ जंगलों में साधना कर रहे साधु-संतों तक भी राहत सामग्री पहुंचाई। बाढ़ के कारण संतों की साधना और दैनिक आवश्यकताओं में आए व्यवधान को देखते हुए उन्हें भी जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई गई।
श्री तुलसी पीठ के उत्तराधिकारी महंत रामचन्द्रदास जी महाराज के नेतृत्व में राहत सामग्री श्रद्धाभाव के साथ संतों और जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण जिन परिवारों की दैनिक जरूरतों का सामान नष्ट हो गया है, उनके जीवन में फिर से आशा, सम्मान और सहारा पहुंचाना अभियान का उद्देश्य है।
महंत रामचन्द्रदास जी महाराज ने आमजन से भी इस सेवा अभियान में सहभागी बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि “सेवा ही साधना है, सेवा ही समर्पण है।”



















