जयपुर। हिन्द सिंध के महान संत युगपुरुष आचार्य स्वामी टेऊँराम महाराज के पावन चालीहा महोत्सव के उपलक्ष्य में गुरुवार को मांग्यावास स्थित सद्गुरु टेऊँराम गौशाला में एकादशी के पवित्र अवसर पर भव्य धार्मिक एवं सेवा कार्यों का आयोजन किया गया। इस दौरान संतों और श्रद्धालुओं ने भक्ति के साथ-साथ सेवा के संकल्प को धरातल पर उतारा।
महोत्सव के अंतर्गत गुरुवार को प्रातः 6 बजे वैदिक रीति-रिवाज से 40 मिनट का विशेष हवन-यज्ञ अनुष्ठान आयोजित किया गया। इसके बाद नित-नियम के तहत सामूहिक चालीसा पाठ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इसके साथ ही गौशाला परिसर में संतों और भक्तों द्वारा 40 मिनट तक अनवरत संकीर्तन कर संपूर्ण वातावरण को भक्तिमय कर दिया गया।
वर्तमान में ग्रीष्म ऋतु (गर्मी) की तीव्र लहर को देखते हुए गौशाला में मौजूद गौ-माताओं के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा गया। गर्मी से राहत दिलाने के लिए गऊ माता को ठंडी तासीर वाले मौसमी फल जैसे तरबूज, खरबूजे और आम खिलाए गए। इसके अतिरिक्त, अन्न भोजन प्रसादम कार्यक्रम के तहत वहां से गुजरने वाले राहगीरों को गर्मी से बचाव के लिए ठंडी मिल्क रोज शर्बत का वितरण किया गया।
स्वामी मोहन लाल महाराज ने बताया कि इस चालीहा उत्सव में भक्ति के साथ-साथ सामाजिक सेवा के संकल्प को पूरी तरह साकार किया जा रहा है। इसी सेवा श्रृंखला के अंतर्गत आगामी दिनों में अनाथालयों और कुष्ठ आश्रमों में भी भोजन व अल्पाहार की सेवा पहुँचाई जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि सद्गुरु टेऊँराम महाराज का 5 दिवसीय 84वां वरसी उत्सव आगामी 16 जून से 20 जून तक पूर्ण श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ आयोजित किया जाएगा।



















