जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने सोमवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। ब्यूरो की सिरोही इकाई ने श्रम कल्याण अधिकारी हर्षदीप सिंह गिल की अनुबंधित गाड़ी की आकस्मिक चेकिंग के दौरान 1 लाख 50 हजार रुपये की संदिग्ध नकदी बरामद की है। एसीबी को सूचना मिली थी कि अधिकारी और उनके अधीनस्थ कर्मचारी औद्योगिक इकाइयों से अवैध वसूली कर लौट रहे हैं।
एसीबी डीजी गोविंद गुप्ता के अनुसार जोधपुर रेंज के उप महानिरीक्षक पुलिस भुवन भूषण यादव के पर्यवेक्षण में इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। श्रम कल्याण अधिकारी हर्षदीप सिंह गिल अपने कनिष्ठ सहायक विकास कुमार के साथ आबूरोड से जिला मुख्यालय सिरोही की ओर सरकारी कार्य के लिए अनुबंधित कार से आ रहे थे। एसीबी टीम ने बीच रास्ते में गाड़ी रुकवाकर जब तलाशी ली, तो उसमें रखे एक रैग्जीन बैग के अंदर पॉलीथीन में लिपटी हुई 500-500 रुपये की तीन गड्डियां बरामद हुईं।
बरामद की गई कुल 1.50 लाख रुपये की राशि के संबंध में जब अधिकारी हर्षदीप सिंह से पूछताछ की गई, तो वे इस नकदी के स्रोत के बारे में कोई वैध दस्तावेज या संतोषजनक जवाब पेश नहीं कर सके। संदिग्ध राशि को एसीबी ने अपने कब्जे में ले लिया है।
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि ब्यूरो को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि श्रम विभाग के अधिकारी आबूरोड की औद्योगिक इकाइयों से कथित तौर पर रिश्वत राशि की वसूली कर रहे हैं। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए ब्यूरो ने जाल बिछाया और नकदी बरामद की।



















