अच्छी बारिश और प्रदेश की समृद्धि के लिए गोविंद देवजी मंदिर में हुआ सुवृष्टि पर्जन्य गायत्री महायज्ञ

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जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर सहित पूरे प्रदेश में अच्छी वर्षा, सुख-समृद्धि और लोक कल्याण की कामना को लेकर रविवार को एक विशेष धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। जयपुर के आराध्य देव ठाकुर श्री गोविंद देवजी मंदिर परिसर में ‘सुवृष्टि पर्जन्य गायत्री महायज्ञ’ श्रद्धा, उल्लास और वैदिक परंपराओं के साथ संपन्न हुआ।

मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी महाराज के सान्निध्य में आयोजित इस महायज्ञ की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। मंदिर के सेवा अधिकारी मानस गोस्वामी ने ठाकुर श्री राधा गोविंद देव जी, वेद माता गायत्री और गुरुसत्ता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद वरुण देवता का षोडशोपचार पूजन किया गया। गायत्री शक्तिपीठ, ब्रह्मपुरी की विद्वत टोली ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पर्जन्य सूक्त एवं अन्य विशेष वैदिक मंत्रों के साथ यज्ञ में आहुतियां संपन्न कराईं।

महायज्ञ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और पूरे उत्साह के साथ आहुतियां अर्पित कीं। यज्ञ के दौरान श्रद्धालुओं ने समय पर अच्छी वर्षा और पर्यावरण संतुलन के साथ, किसानों के लिए उत्तम फसल की पैदावार, प्रदेश में सुख, समृद्धि और जनकल्याण कामनाएं कीं। इस अवसर पर आचार्य पीठ महेंद्र कुमार ने बताया कि “सत्कर्म का दूसरा नाम ही यज्ञ है। हमें अपने जीवन यज्ञ में समय, साधन, ज्ञान और धन की नियमित आहुतियां अर्पित करनी चाहिए। बुद्धि को निर्मल बनाने के लिए प्रतिदिन गायत्री मंत्र का जप आवश्यक है।”

कार्यक्रम स्थल पर लोगों में स्वाध्याय की परंपरा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक प्रेरक साहित्य प्रदर्शनी भी लगाई गई। इस प्रदर्शनी में बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विभिन्न विषयों का ज्ञानवर्धक साहित्य उपलब्ध कराया गया।

इसके अलावा, समाज में ‘घर-घर यज्ञ’ की भावना को बढ़ावा देने के लिए श्रद्धालुओं को बलिवैश्व हवन के लिए तांबे के पात्र भी वितरित किए गए, ताकि लोग दैनिक रूप से अपने घरों में छोटा हवन कर सकें। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं और संतों ने मिलकर विश्व शांति, पर्यावरण संरक्षण, समय पर वर्षा और संपूर्ण मानव कल्याण के लिए सामूहिक प्रार्थना की।

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