11–12 सितंबर को जयपुर में होगा आर्केसिया फ़ोरम का भव्य आयोजन

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The grand ARCASIA Forum will be held in Jaipur on September 11–12.
The grand ARCASIA Forum will be held in Jaipur on September 11–12.

जयपुर। द इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स (आईआईए) द्वारा आर्किटेक्ट तुषार सोगानी के संयोजकत्व में 23वें आर्केसिया फ़ोरम 2026 का आयोजन 11–12 सितंबर को जयपुर में किया जाएगा। यह एशिया के सबसे प्रतिष्ठित वास्तुकला आयोजनों में से एक है। “ब्रिंगिंग बैक…वर्नाक्यूलर विजडम” थीम पर आधारित यह फ़ोरम पारंपरिक ज्ञान, जलवायु-अनुकूल वास्तुकला, स्थानीय निर्माण सामग्री, पारंपरिक शिल्पकला तथा सतत डिज़ाइन पद्धतियों को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगा।

23वाँ आर्केसिया फ़ोरम 2026 संयोजक एवं अध्यक्ष द इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स (आईआईए) आर्किटेक्ट तुषार सोगानी ने बताया कि इस फ़ोरम में एशिया के 24 आर्केसिया सदस्य देशों—बांग्लादेश, भूटान, ब्रुनेई दारुस्सलाम, कंबोडिया, चीन, हांगकांग, भारत, इंडोनेशिया, जापान, उत्तर कोरिया, दक्षिण कोरिया, लाओस, मकाऊ, मलेशिया, मालदीव, मंगोलिया, म्यांमार, नेपाल, पाकिस्तान, फ़िलीपींस, सिंगापुर, श्रीलंका, थाईलैंड एवं वियतनाम—से 1,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के साथ-साथ भारत से 2,000 से अधिक वास्तुकार, शिक्षाविद, विद्यार्थी, नीति-निर्माता, उद्योग विशेषज्ञ एवं पेशेवर भाग लेंगे।

तुषार सोगानी ने कहा कि आर्केसिया फ़ोरम केवल एक वास्तुकला सम्मेलन नहीं, बल्कि विचारों के आदान-प्रदान, सांस्कृतिक विरासत के सम्मान और भविष्य की वास्तुकला के लिए नए समाधान खोजने का एक वैश्विक मंच है। जयपुर अपनी समृद्ध वास्तुकला और सांस्कृतिक पहचान के साथ एशिया भर के वास्तुकारों का स्वागत करने के लिए एक आदर्श शहर है। इस फ़ोरम के माध्यम से हमारा उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना और राजस्थान की वास्तुकला विरासत को विश्व स्तर पर नई पहचान दिलाना है। यह फ़ोरम विचारों के आदान-प्रदान, पेशेवर सहयोग तथा एशिया की समृद्ध वास्तुकला विरासत को साझा करने का एक महत्वपूर्ण मंच बनेगा।

जयपुर में आयोजित इस सम्मेलन में विश्वप्रसिद्ध मुख्य वक्ता आर्किटेक्ट रिकेन यामामोटो, प्रिट्जकर आर्किटेक्चर पुरस्कार विजेता, तथा प्रो. फिलिप एफ. युआन सहित देश-विदेश के अनेक प्रतिष्ठित वास्तुकार, शहरी नियोजक, शिक्षाविद एवं विशेषज्ञ शामिल होंगे।

सम्मेलन के दौरान मुख्य व्याख्यान, पैनल चर्चाएँ, तकनीकी सत्र एवं संवाद आयोजित किए जाएंगे। इनमें पारंपरिक ज्ञान, जलवायु-अनुकूल वास्तुकला, धरोहर संरक्षण, पारंपरिक निर्माण प्रणालियाँ, सतत शहरी विकास, डिज़ाइन शिक्षा, नवाचार तथा एशियाई शहरों के भविष्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी।

फ़ोरम के अंतर्गत आर्केसिया अवॉर्ड्स फॉर आर्किटेक्चर (एएए), कॉल फॉर पेपर्स, थीसिस ऑफ़ द ईयर तथा स्टूडेंट डिज़ाइन कम्पटीशन जैसी प्रमुख प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा। इन प्रतियोगिताओं में एशिया भर से उत्कृष्ट प्रविष्टियाँ प्राप्त होंगी, जिनका मूल्यांकन अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित वास्तुकारों एवं शिक्षाविदों की ज्यूरी द्वारा किया जाएगा। इनका उद्देश्य वास्तुकला, शोध, नवाचार एवं नई प्रतिभाओं को सम्मानित करना है।

फ़ोरम के साथ एक बिल्डिंग मटेरियल प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी, जिसमें देश-विदेश के अग्रणी ब्रांड अपने नवीनतम उत्पादों, तकनीकों एवं समाधानों का प्रदर्शन करेंगे। यह प्रदर्शनी वास्तुकारों, डिज़ाइनरों, सलाहकारों एवं निर्माण उद्योग से जुड़े लोगों के लिए नेटवर्किंग और व्यावसायिक अवसर भी प्रदान करेगी। लघु उद्योग भारती इस फ़ोरम का इंडस्ट्रियल पार्टनर है।

फ़ोरम के दौरान अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के लिए जयपुर के हेरिटेज एवं आर्किटेक्चरल टूर भी आयोजित किए जाएंगे। इन विशेष भ्रमणों के माध्यम से प्रतिनिधियों को जयपुर के ऐतिहासिक स्मारकों, पारंपरिक शिल्प, नगर नियोजन एवं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। इनका उद्देश्य सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना तथा राजस्थान की वास्तुकला विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करना है।

यह फ़ोरम जयपुर को एशिया के प्रमुख वास्तुकला एवं ज्ञान-विनिमय केंद्रों में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। साथ ही, यह एशिया के श्रेष्ठ वास्तुकारों एवं विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर भविष्य की वास्तुकला पर सार्थक चर्चा करेगा और “ब्रिंगिंग बैक… वर्नाक्यूलर विजडम” की भावना को आगे बढ़ाएगा।

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