सुहागिनों के अटूट प्रेम और विश्वास का पर्व करवा चौथ आज

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Karwa Chauth 2026
Karwa Chauth 2026

जयपुर। अखंड सौभाग्य, पति की दीर्घायु और दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि की कामना का पर्व करवा चौथ श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। सुहागिन महिलाओं ने पति की लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली के लिए निर्जला व्रत रखा है। दिनभर उपवास के बाद शाम को महिलाएं मां पार्वती, भगवान शिव, गणेशजी और चौथ माता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करेंगी। रात में चंद्रमा के दर्शन कर अर्घ्य देने के बाद पति के हाथों से जल ग्रहण कर व्रत खोलेंगी।

पंडित बनवारी लाल शर्मा के अनुसार, इस बार करवा चौथ पर चंद्रमा के उच्च राशि वृषभ में रोहिणी नक्षत्र के साथ रहने का शुभ संयोग बन रहा है। इसके साथ बुधादित्य और परिधि योग भी बताए जा रहे हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन संयोगों को दांपत्य जीवन में प्रेम, स्थिरता और सुख-समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है।

विधि-विधान से होगी पूजा-अर्चना

व्रत रखने वाली महिलाएं सुबह स्नान के बाद संकल्प लेकर दिनभर बिना जल ग्रहण किए उपवास करती हैं। शाम को पूजा स्थल पर चौकी सजाकर मां पार्वती, भगवान शिव, गणेशजी और चौथ माता की प्रतिमा या चित्र स्थापित किए जाते हैं। पूजा की थाली में रोली, अक्षत, पुष्प, धूप, दीपक, मिठाई और सुहाग की सामग्री रखी जाती है। पूजन के बाद करवा चौथ की कथा सुनी जाती है। रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर छलनी से चंद्र दर्शन और फिर पति का चेहरा देखने की परंपरा निभाई जाती है। इसके बाद पति के हाथों से जल ग्रहण कर महिलाएं व्रत खोलती हैं।

बाजारों में खरीदारी, दुकानदारों में उत्साह

पर्व से एक दिन पहले जयपुर के बाजारों में रौनक रही। मिट्टी और चीनी के करवे, छलनी, सजी हुई पूजा की थालियां, दीपक, रोली-अक्षत और सुहाग सामग्री की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ जुटी। महिलाओं ने पूजन सामग्री के साथ साड़ियां, डिजाइनर सूट, चूड़ियां, आभूषण और सौंदर्य प्रसाधनों की भी खरीदारी की। ग्राहकों की चहल-पहल से दुकानदारों और व्यापारियों में उत्साह नजर आया।

सोलह शृंगार और मेहंदी का विशेष क्रेज

करवा चौथ पर सोलह शृंगार का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। इसे लेकर शहर के ब्यूटी पार्लर, सैलून और सौंदर्य प्रसाधनों की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ रही। महिलाओं ने फेशियल, ब्लीच, वैक्सिंग, थ्रेडिंग, हेयर केयर, पेडिक्योर और मेनिक्योर जैसी सेवाएं लीं। बाजारों और मॉल के बाहर लगे मेहंदी स्टॉल पर भी महिलाओं ने हाथों में मेहंदी रचाई।

करवा चौथ केवल व्रत और पूजा का पर्व नहीं, बल्कि पति-पत्नी के बीच प्रेम, समर्पण और परस्पर विश्वास को मजबूत करने का अवसर भी माना जाता है। इसी आस्था और उत्साह के साथ सुहागिनें चंद्रमा के दर्शन कर व्रत पूर्ण करने की तैयारी में जुटी हैं।

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