डिजिटल अरेस्ट कर बुजुर्ग दंपती से 76 लाख ठगने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

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Two accused arrested for swindling ₹76 lakh from an elderly couple via 'digital arrest'
Two accused arrested for swindling ₹76 lakh from an elderly couple via 'digital arrest'

जयपुर। स्टेट साइबर क्राइम थाना पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट कर जयपुर के बुजुर्ग दंपती से 76 लाख रुपए की साइबर ठगी करने वाले दो आरोपियों को दिल्ली-एनसीआर से गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने खुद को पुलिस, एटीएस और एनआईए अधिकारी बताकर दंपती को आतंकवादी गतिविधियों और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने की धमकी दी थी। पुलिस ने बैंकिंग ट्रेल का तत्काल विश्लेषण कर ठगी की रकम में से करीब 50 लाख रुपए होल्ड करवाए हैं।

डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि जयपुर निवासी बुजुर्ग ने 14 अगस्त को स्टेट साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार 5 अगस्त को उनकी पत्नी के मोबाइल पर वाट्सऐप कॉल आया। इसके बाद अलग-अलग मोबाइल नंबरों से आरोपियों ने पुलिस, एटीएस और एनआईए अधिकारी बनकर बात की। आरोपियों ने आधार कार्ड के दुरुपयोग से आतंकवादी गतिविधियों और करोड़ों रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग होने की बात कहकर दंपती को परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई का डर दिखाया।

आरोपियों ने वाट्सऐप पर कथित एनआईए का नोटिस भेजकर कुछ दिनों में एनओसी और सुरक्षा प्रमाण पत्र जारी कराने का झांसा दिया। इसके बाद लगातार वाट्सऐप वॉइस और वीडियो कॉल के जरिए दंपती पर निगरानी रखी गई। डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर उनके फिक्स्ड डिपॉजिट और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जानकारी और तस्वीरें मंगवाई गईं। दबाव में दंपती ने अपनी बचत लिक्विडेट कर अलग-अलग बैंक खातों से 76 लाख रुपए आरोपियों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए।

पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी की रकम एक बैंक खाते में पहुंचने के बाद उसी दिन आरटीजीएस के जरिए दूसरे खाते में और अगले दिन अन्य खातों में ट्रांसफर कर दी गई। पुलिस टीम ने बैंकिंग ट्रेल का तत्काल विश्लेषण करते हुए संबंधित बैंकों से समन्वय किया और करीब 50 लाख रुपए होल्ड करवाने में सफलता हासिल की।

जांच में सामने आया कि सतपाल सिंह कपड़ा निर्माण एवं सिलाई के व्यवसाय से जुड़ा है। उसने अपनी कंपनी के कर्मचारी और मैनेजर अखंड प्रताप सिंह के बैंक खातों की जानकारी साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराई। इन खातों में ठगी की 10 लाख और 7 लाख रुपए की रकम पहुंची थी। रकम निकलवाने और अन्य खातों में ट्रांसफर कराने में भी सतपाल की भूमिका सामने आई। पुलिस के अनुसार उसने कमीशन के लालच में साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में सहयोग किया।

पुलिस ने बैंकिंग ट्रेल के आधार पर दिल्ली-एनसीआर में दबिश देकर अखंड प्रताप सिंह उर्फ शानू सिंह निवासी गौतमबुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश और सतपाल सिंह निवासी गाजीपुर, दिल्ली को शुक्रवार रात गिरफ्तार किया। दोनों से पूछताछ कर साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क और अन्य आरोपियों की भूमिका का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

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