जयपुर। शहर में सीवरेज लाइन की सफाई के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में दो वाल्मीकि समाज के बच्चों की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने घटना के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए मृतक परिवारों को एक-एक करोड़ रुपए मुआवजा और परिजनों को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
खाचरियावास शुक्रवार रात कांवटिया अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सीवरेज में कर्मचारियों को उतारना कानूनन प्रतिबंधित है, इसके बावजूद लापरवाही बरतते हुए सफाईकर्मियों को नीचे उतारा गया, जिससे यह हादसा हुआ।
उन्होंने बताया कि सीवरेज में सफाई के दौरान एक कर्मचारी के फंसने पर उसे बचाने के लिए दूसरा नीचे उतरा, लेकिन जहरीली गैस के कारण दोनों की दम घुटने से मौत हो गई। खाचरियावास ने इसे प्रशासनिक लापरवाही करार देते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
पूर्व मंत्री ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मृतक परिवारों को एक-एक करोड़ रुपए का मुआवजा और उनके आश्रितों को सरकारी नौकरी नहीं दी, तो कांग्रेस सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।
उन्होंने कहा कि वाल्मीकि समाज और सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है, जिसमें वह पूरी तरह विफल रही है। खाचरियावास ने यह भी कहा कि यदि इस मामले में न्याय नहीं मिला, तो कांग्रेस पार्टी वाल्मीकि समाज के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करेगी।




















