गायत्री महायज्ञ के साथ आठ महिलाओं का कराया पुंसवन संस्कार

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The Punsavan ceremony was performed for eight women alongside the Gayatri Mahayajna.
The Punsavan ceremony was performed for eight women alongside the Gayatri Mahayajna.

जयपुर। गर्भ में पल रहे शिशु के सर्वांगीण विकास के लिए अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार की ओर से चलाए जा रहे आओ गढ़े संस्कारवान पीढ़ी अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को विद्याधरनगर के किशनबाग के राजकीय विद्यालय में संचालित आंगनबाड़ी अंबावाड़ी प्रथम में शुक्रवार को 8 गर्भवती महिलाओं का पुंसवन संस्कार करवाया गया।

गायत्री परिवार की मोहिनी सैनी ने गायत्री महायज्ञ के साथ यह संस्कार करवाया। देव पूजन के बाद यज्ञ में गायत्री महामंत्र से आहुतियां दी गई। गर्भवती महिलाओं ने गर्भस्थ शिशु के सर्वांगीण विकास के लिए खीर से विशेष आहुतियां प्रदान की।

गायत्री चेतना केन्द्र, मुरलीपुरा की ज्योति शर्मा ने कहा सनातन धर्म में 16 संस्कार होते हैं। गर्भस्थ शिशु के समुचित विकास के लिए यह संस्कार किया जाता है। अधिक लाभ के लिए शिशु के गर्भ में आने के तीन माह बाद यह करना चाहिए। इससे शिशु में गर्भ में ही शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक विकास की कामना की जाती है।

यज्ञ के समापन पर सभी महिलाओं को आओ गढ़े संस्कारवान पीढ़ी पुस्तक, गायत्री मंत्र लेखन पुस्तिका, देव स्थापना चित्र, गायत्री चालीसा सहित दो अन्य पुस्तक सहित एक किट उपहार स्वरूप भेंट किया गया। सभी गर्भवती महिलाओं से फार्म भरवाकर गर्भावस्था में दैनिक दिनचर्या का फॉर्म भी दिया गया।

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