जयपुर। घुमंतू एवं अर्धघुमंतू जातियों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग को लेकर बुधवार को जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में आयोजित महापंचायत के बाद राजधानी में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। महापंचायत समाप्त होने के बाद प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने की घोषणा की। पुलिस द्वारा रास्ते में रोकने पर प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और देखते ही देखते पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की, झड़प, पथराव और लाठीचार्ज की नौबत आ गई।
भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े।
घटना में पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों सहित 12 से अधिक लोग घायल हो गए, जबकि पुलिस कार्रवाई में कुछ प्रदर्शनकारियों को भी चोटें आईं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने करीब 50 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है।
घुमंतू और अर्धघुमंतू समाज के लोग 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर विद्याधर नगर स्टेडियम में महापंचायत कर रहे थे। महापंचायत समाप्त होने के बाद शाम करीब छह बजे बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच शुरू कर दिया।
संभावित स्थिति को देखते हुए पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे और मार्ग पर बैरिकेडिंग कर रखी थी। जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स पार करने का प्रयास किया, पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जो कुछ ही देर में हिंसक झड़प में बदल गई।
प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और आसपास के स्थानीय लोगों पर पथराव शुरू कर दिया। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने पहले भीड़ को समझाने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति नियंत्रण से बाहर होने पर लाठीचार्ज किया गया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए।
पथराव में पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों सहित 12 से अधिक लोग घायल हो गए। वहीं पुलिस की कार्रवाई में कुछ प्रदर्शनकारी भी घायल हुए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने करीब 50 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। देर शाम तक इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति को नियंत्रण में कर लिया गया।
जयपुर उत्तर के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) करण शर्मा ने बताया कि प्रदर्शनकारियों की मांगों को लेकर उनके प्रतिनिधिमंडल की सरकार के उच्च स्तर पर मुलाकात करवाई गई थी, जहां सकारात्मक बातचीत हुई थी। इसके बावजूद कुछ प्रदर्शनकारी अचानक उग्र हो गए।
उन्होंने बताया कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से लगाए गए बैरिकेड्स को तोड़ने का प्रयास किया गया। कुछ लोगों ने स्थानीय निवासियों के साथ अभद्रता की और रोकने पर पुलिस तथा स्थानीय लोगों पर पथराव कर दिया। इसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। फिलहाल पूरे क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में है और पुलिस उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।



















