चिरायु हाफ मैराथन: सर्वाइकल कैंसर की जागरूकता के लिए युवाओं ने लगायी दौड़

जयपुर। सूरज की किरण अभी तक पड़ी भी नहीं थी लेकिन युवाओं की ऊर्जा किसी भी तरह से कम नहीं दिखीं। फिनिशिंग लाइन तक पहुंचने का जज्बा और एक दूसरे से आगे निकल जाने की जद्दोजहद के बीच युवाओं का जोश देखने के काबिल था। मौका था रविवार को कालवाड़ रोड पर आयोजित चिरायु हाफ मैराथन का। मैराथन में युवाओं और बच्चों का कमाल का उत्साह दिखा। सर्वाइकल कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से आयोजित मैराथन में तीन कैटेगरी में करीब 5 हजार से अधिक युवाओं ने दौड़ लगायी। चिरायु हाफ मैराथन 21 किमी. में लोकेश चौधरी और पूजा कुमारी विजेता रहीं। 10 किमी. मेल कैटेगरी में खेताराम और फीमेल कैटेगरी में मीना कुमारी ने प्रथम पुरस्कार अपने नाम किया। ‘रन फॉर हर’ कैंपेन के तहत 3 किमी. की दौड़ में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया।

मंच पर राजस्थान सरकार में मंत्री उद्योग और वाणिज्य, युवा मामले और खेल विभाग में कैबिनेट मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और समाजसेवी पंडित सुरेश मिश्रा ने मैराथन का फ्लैग आफ किया। राठौड़ सवेरे सवा छह बजे ही मंच पर पहुंच गए और प्रतिभागियों की जोश अफजाई की। राठौड़ ने फिनिशर्स को मेडल और सर्टिफिकेट भी प्रदान किए। इस मौके पर चिरायु अस्पताल की डायरेक्टर डॉ. मंजू चौधरी, हॉस्पिटल निदेशक मोहित चौधरी, जिला प्रमुख जयपुर रमा चोपड़ा, जयपुर रनर्स क्लब के को-फाउंडर मुकेश मिश्रा एवं रवि गोयंका, पंजाब से बीजेपी के केके मल्होत्रा, अलादीन डिजिटल सॉल्यूशन के निदेशक इरफान खान और सिल्वर मेडलिस्ट अंडर 18 महिला रग्बी इंडियन टीम की सदस्य मुस्कान पिपलोदा सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

60 की उम्र में 21 किमी. दौड़े डॉ.मनोज

रनिंग ट्रैक पर युवा और बच्चों के साथ-साथ बुजुर्गों में भी मैराथन का अति उत्साह देखने को मिला। चिरायु अस्पताल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. मनोज कुमार ने 60 वर्ष की आयु के बावजूद भी दौड़ में भाग लिया और 21 किमी. की दौड़ फिनिश करते हुए मैसेज दिया कि उम्र तो केवल एक नंबर है लेकिन जोश उससे कहीं गुना अधिक है। मैराथन में शामिल अन्य प्रतिभागियों ने तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन भी किया।

बच्चे हैं प्रेरणा के स्त्रोत – राठौड़

यूथ आइकन राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने मंच पर सबसे पहले भारत माता की जय का उद्घोष लगाते हुए युवाओं में जोश भरने का काम किया। उन्होंने कहा कि मैराथन में 14 साल और इससे भी कम उम्र के बच्चे भाग ले रहे हैं और हमें इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। वहीं पंडित सुरेश मिश्रा ने प्रतिदिन दौड़ने और स्वास्थ्य बेहतर रखने की बात कही। डॉ. मंजु चौधरी और मोहित चौधरी ने बच्चों और प्रतिभागियों को स्वस्थ तन और स्वस्थ दिमाग की सीख दी।

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