विश्व प्लास्टिक सर्जरी दिवस:कैंसर मरीजों के लिए वरदान बनी आधुनिक रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी

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World Plastic Surgery Day
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जयपुर। कैंसर का उपचार अब केवल ट्यूमर निकालने तक सीमित नहीं रह गया है। आधुनिक रिकंस्ट्रक्टिव एवं माइक्रोवैस्कुलर सर्जरी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और 3डी प्रिंटिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों की मदद से मरीजों को सर्जरी के बाद पहले की तरह सामान्य जीवन जीने में मदद मिल रही है। विशेष रूप से ओरल, ब्रेस्ट, सिर एवं गर्दन के कैंसर के साथ ही बोन एवं सॉफ्ट टिश्यू ट्यूमर के मामलों में इन तकनीकों ने उपचार को अधिक सटीक, सुरक्षित और प्रभावी बना दिया है।

भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल (बीएमसीएच) में विश्व प्लास्टिक सर्जरी दिवस के अवसर पर विशेषज्ञों ने बताया कि अस्पताल के सेंटर फॉर एडवांस्ड रिकंस्ट्रक्शन में कैंसर मरीजों के लिए अत्याधुनिक रिकंस्ट्रक्टिव माइक्रोवैस्कुलर सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है। यहां बहु-विषयक विशेषज्ञों की टीम मरीज की व्यक्तिगत आवश्यकता के अनुसार उपचार योजना तैयार कर रही है।

सेंटर के विभागाध्यक्ष डॉ. सौरभ रावत ने बताया कि कैंसर सर्जरी के बाद कई मरीजों को बोलने, भोजन करने, सांस लेने या सामान्य गतिविधियां करने में कठिनाई होती है। ऐसे मामलों में माइक्रोवैस्कुलर रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी के जरिए शरीर के दूसरे हिस्से से त्वचा, मांसपेशी, हड्डी या अन्य ऊतकों को उनकी रक्त वाहिनियों सहित प्रभावित स्थान पर प्रत्यारोपित किया जाता है। ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप की सहायता से अत्यंत महीन रक्त वाहिनियों और नसों को जोड़कर प्रभावित अंगों की कार्यक्षमता को दोबारा स्थापित किया जाता है।

उन्होंने बताया कि अब एआई आधारित सर्जिकल प्लानिंग और 3डी प्रिंटिंग तकनीक से सीटी स्कैन और एमआरआई की अधिक सटीक व्याख्या कर ऑपरेशन की पूर्व योजना बनाई जाती है। 3डी मॉडल तैयार होने से विशेषकर जबड़े, सिर एवं गर्दन तथा बोन ट्यूमर जैसी जटिल सर्जरी अधिक सटीक ढंग से की जा रही हैं।

सीनियर कंसल्टेंट डॉ. अनुराग शर्मा ने बताया कि इन आधुनिक तकनीकों के उपयोग से ऑपरेशन का समय कम होता है और मरीज तेजी से स्वस्थ होते हैं। अस्पताल में हेड एंड नेक कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, बोन एवं सॉफ्ट टिश्यू ट्यूमर सहित विभिन्न प्रकार के कैंसर रोगियों के लिए उन्नत रिकंस्ट्रक्टिव सेवाएं उपलब्ध हैं। प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जन, सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, फिजियोथेरेपिस्ट सहित विभिन्न विशेषज्ञ मिलकर प्रत्येक मरीज के लिए समग्र उपचार योजना तैयार करते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक रिकंस्ट्रक्टिव एवं माइक्रोवैस्कुलर सर्जरी का उद्देश्य केवल मरीज को कैंसर मुक्त करना नहीं, बल्कि उसे फिर से सामान्य रूप से बोलने, भोजन करने, काम करने, पहले जैसा दिखने और आत्मविश्वास के साथ जीवन जीने योग्य बनाना भी है। साथ ही लिम्फेडेमा जैसी जटिल समस्याओं के उपचार में भी इन तकनीकों से बेहतर परिणाम मिल रहे हैं।

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