जयपुर। राजधानी के रीको इंडस्ट्रियल एरिया मानसरोवर के कपड़ा व्यापारियों से 2 करोड़ रुपए से अधिक का माल ठगने वाली एक शातिर अंतरराज्यीय गैंग का शिप्रापथ थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गैंग के दो मुख्य आरोपियों को अहमदाबाद से गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को बड़ा एजेंट और फर्म प्रोपराइटर बताकर व्यापारियों को अपने जाल में फंसाते थे और माल लेकर फरार हो जाते थे।
फर्जी पते और खाली चेक देकर बनाते थे शिकार
डीसीपी (दक्षिण) राजर्षि राज ने बताया कि 19 सितंबर को अमन एक्सपोर्ट्स रिटेल लिमिटेड के फाइनेंस मैनेजर गिरीश पाटोदिया ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि मार्च में आरोपी प्रदीप गुनानी उर्फ सोनू ,वाहेगुरु एजेंसी और हेमंत,आर.वी. एंटरप्राइजेज अपने अन्य साथियों के साथ उनकी फर्म पर आए थे। उन्होंने खुद को मुंबई और अहमदाबाद का बड़ा होलसेलर बताकर अलग-अलग फर्मों के नाम बिल बनवाए और करीब 47 लाख रुपए का कुर्ती-सूट ट्रांसपोर्ट के जरिए मंगवा लिया।
जब भुगतान का समय आया तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। पीड़ित व्यापारी ने जब दिए गए पतों पर अपने प्रतिनिधि को भेजा तो सभी पते फर्जी मिले। जांच करने पर पता चला कि इस गैंग ने जयपुर के अन्य कपड़ा व्यापारियों को भी इसी तरह शिकार बनाकर करीब 2 करोड़ रुपए का माल हड़प लिया है। पुलिस ने तकनीकी सहायता के आधार पर हेमंत सुखलानी (52), निवासी शेला बोपल, अहमदाबाद (प्रोपराइटर: आर.वी. एंटरप्राइजेज) व प्रदीप गुनानी उर्फ सोनू (39) , निवासी सरदारनगर, अहमदाबाद (वाहेगुरु एजेंसी) को गुजरात के अहमदाबाद से गिरफ्तार कर लिया।
सस्ते दामों पर माल बेचकर हो जाते थे रफूचक्कर
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी रीको इंडस्ट्रियल एरिया के कपड़ा कारोबारियों से संपर्क कर जीएसटी नंबर और बड़ी ऑर्डर बुक कराने का लालच देते थे। व्यापारियों का विश्वास जीतने के लिए वे एडवांस के तौर पर फर्जी या बैंक खातों के चेक थमा देते थे। इसके बाद माल को फर्जी पतों के बजाय रास्ते में ही अन्य ठिकानों पर उतरवा लेते थे और अहमदाबाद के बाजारों में औने-पौने दामों में बेचकर मोटी रकम समेट लेते थे। पुलिस आरोपियों से इस नेटवर्क से जुडे़ अन्य लोगों के बारे में पूछताछ करने में जुटी हुई है।



















