जयपुर। मुहाना थाने में पूछताछ के दौरान हिरासत में लिए गए मध्यप्रदेश के 19 वर्षीय युवक ऋतुराज की सवाई मानसिंह अस्पताल में करीब 15 दिन इलाज के बाद सोमवार को मौत हो गई। युवक की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने आरोपों को खारिज करते हुए मौत का कारण पोस्टमॉर्टम और मेडिकल जांच के बाद स्पष्ट होने की बात कही है।
थानाधिकारी मुकेश खारड़िया के अनुसार मंदसौर निवासी ऋतुराज को सोना उपलब्ध कराने के नाम पर कथित ठगी के मामले में पूछताछ के लिए थाने लाया गया था। थाने में उसकी तबीयत बिगड़ी और उल्टी होने के बाद उसे निजी अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे एसएमएस अस्पताल रेफर किया गया, जहां करीब 15 दिन तक कोमा की स्थिति में उपचार चला। सोमवार को उसकी मौत हो गई। शव को एसएमएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है और परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा।
मृतक की मां हेमा ने आरोप लगाया कि पुलिस हिरासत में उसके बेटे से मारपीट की गई, जिसके कारण वह कोमा में चला गया और उसकी मौत हो गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने दबाव बनाकर दो अन्य युवकों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया तथा दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए धमकाया। मां ने एसएमएस अस्पताल में तीन पुलिसकर्मियों पर 8 से 10 लाख रुपए लेकर मामला शांत करने का प्रस्ताव देने का भी आरोप लगाया है।
थानाधिकारी मुकेश खारड़िया ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि युवक पर दो अलग-अलग पक्षों से सोना देने के नाम पर रुपए लेने और माल उपलब्ध नहीं कराने के आरोप थे। इस संबंध में उसकी मां ने ही पहले शिकायत दी थी। पुलिस के अनुसार युवक को थाने लाने के समय से ही उसकी तबीयत ठीक नहीं थी। मौत का वास्तविक कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और चिकित्सकीय जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।



















