जयपुर। पीले परिधानों में सजे 50 जोड़ों की मुस्कान और नई जिंदगी के सपनों के बीच नारायण सेवा संस्थान के सेवा महातीर्थ, लियों का गुड़ा परिसर में शनिवार को दो दिवसीय 47वां नि:शुल्क दिव्यांग एवं निर्धन युवक-युवतियों का सामूहिक विवाह समारोह शुरू हुआ। समारोह में विवाह से पहले हल्दी, मेहंदी और महिला संगीत सहित विभिन्न कार्यक्रम हुए।
शुभ मुहूर्त में गणपति स्थापना और गणपति वंदन नृत्य ‘घर में पधारो गजानंद जी’ के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। सुबह 11.15 बजे सभी 50 जोड़े पीले परिधानों में पीले फूलों से सजे हाड़ा सभागार के मंच पर पहुंचे। संस्थान के संस्थापक-चेयरमैन पद्मश्री कैलाश ‘मानव’, सहसंस्थापिका कमला देवी, अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल और निदेशक वंदना अग्रवाल ने विशिष्ट अतिथियों के साथ गणपति स्थापना कर विवाह समारोह का विधिवत शुभारंभ किया।
निदेशक वंदना अग्रवाल के निर्देशन में अतिथियों ने जोड़ों को हल्दी लगाई और मेहंदी की रस्म में सहभागिता की। विवाह गीतों पर अतिथियों और परिजनों ने नृत्य किया। ढोलक की थाप और गीत-संगीत से पूरा परिसर उत्सव में बदल गया।
मुख्य अतिथि भारतीय सेना के पूर्व कमांडर बीएल बंधन (आगरा) और राजेश कंजानी (अर्जेंटीना) सहित सेवा मनीषियों का संस्थान के पदाधिकारियों ने पगड़ी, उपरना और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मान किया।
शाम को महिला संगीत एवं नृत्य संध्या हुई। इसमें राधा-कृष्ण रास, रुद्रावतार हनुमान, मां दुर्गा के नवस्वरूप और अयोध्यापति श्रीराम पर आधारित नृत्य-नाटिकाओं के माध्यम से भारतीय संस्कृति के विभिन्न रंग प्रस्तुत किए गए। प्रस्तुतियों पर तालियों की गूंज से माहौल उत्सवमय रहा।
संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि रविवार सुबह 11.15 बजे सभी 50 जोड़े वैदिक विधि-विधान से अग्नि के सात फेरे लेकर दांपत्य जीवन में प्रवेश करेंगे। संस्थान की ओर से प्रत्येक नवविवाहित जोड़े को गृहस्थ जीवन शुरू करने के लिए आवश्यक सामग्री उपहार स्वरूप दी जाएगी।
समारोह में शामिल जोड़ों के लिए विवाह नई शुरुआत का अवसर है। किसी ने शारीरिक चुनौतियों, किसी ने आर्थिक कठिनाइयों और किसी ने अकेलेपन के बीच जीवन का सफर तय किया। अब ये जोड़े एक-दूसरे का सहारा बनकर नई जिंदगी शुरू करेंगे।



















