कोचिंग महासंघ के अध्यक्ष ने माना: देश की 95% कोचिंग संस्थाएं फायर नियमों के अनुरूप नहीं

0
48

जयपुर। हाल ही में लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड ने कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन की आवश्यकता को राष्ट्रीय स्तर पर गंभीर विषय बना दिया है। इसी क्रम में जयपुर प्रशासन द्वारा अग्नि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले कोचिंग संस्थानों के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई के बीच ऑल कोचिंग इंस्टिट्यूट महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अनीश कुमार नाडार की प्रेस विज्ञप्ति ने कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रेस विज्ञप्ति में स्वयं महासंघ के अध्यक्ष ने स्वीकार किया है कि देशभर में संचालित लगभग 95 प्रतिशत कोचिंग संस्थान ऐसे भवनों में चल रहे हैं, जहां नियमों के अनुसार फायर एनओसी प्राप्त करना संभव नहीं है। यह स्वीकारोक्ति स्वयं इस बात की पुष्टि करती है कि बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुरूप संचालित नहीं हो रहे हैं।

इसके बावजूद प्रेस विज्ञप्ति में जयपुर प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई को छात्रों के भविष्य और हजारों लोगों के रोजगार पर हमला बताते हुए तत्काल कार्रवाई रोकने की मांग की गई है। इतना ही नहीं, यदि सीज किए गए संस्थानों को शीघ्र नहीं खोला गया तो आमरण अनशन करने की चेतावनी भी दी गई है।

प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य किसी की आजीविका प्रभावित करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के जीवन और सुरक्षा की रक्षा करना है। ऐसे में यह बहस तेज हो गई है कि जब स्वयं संबंधित संगठन यह स्वीकार कर रहा है कि अधिकांश संस्थान फायर सुरक्षा नियमों के अनुरूप नहीं हैं, तब सुरक्षा मानकों को लागू करने की कार्रवाई का विरोध किस आधार पर किया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि विद्यार्थियों का भविष्य महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी अधिक महत्वपूर्ण उनका जीवन और सुरक्षित वातावरण है। नियमों का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन की वैधानिक जिम्मेदारी है और किसी भी प्रकार का दबाव या आंदोलन सुरक्षा मानकों के अनुपालन का विकल्प नहीं हो सकता।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here