गुरुनानक देव जयंती आज:जयपुर के सभी गुरुद्वारों को सजाया फूलों से

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जयपुर। सिख धर्म के प्रथम गुरु और संस्थापक गुरुनानक देव जी का 556वां प्रकाश पर्व (जयंती) 5 नवंबर को पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस मौके पर जयपुर के सभी गुरुद्वारों में रोशनी और सजावट की गई है। पूरे परिसर को रंगीन लाइटिंग और फूलों से सजाया गया है।

सुबह से शुरू होंगे धार्मिक कार्यक्रम

गुरुद्वारे के सेक्रेटरी गुरमीत सिंह ने बताया कि कार्यक्रमों की शुरुआत सुबह 5 बजे नित नेम से होगी। जो 6.30 बजे तक चलेगा। इसके बाद सुबह साढ़े सात बजे से आसा दी वार का कीर्तन होगा। इसे दरबार साहब (अमृतसर) के हजूरी रागी जत्था भाई ओंकार सिंह द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद सिख शिक्षण संस्था के बच्चे गुरुवाणी कीर्तन करेंगे।

गुरुद्वारे में दोपहर से लेकर शाम तक भी धार्मिक कार्यक्रम जारी रहेंगे। भाई ओंकार सिंह, भाई तेजेंद्र सिंह और गुरुमत प्रचारक विचारक ज्ञानी किशन सिंह साध संगत के समक्ष गुरुवाणी कीर्तन एवं गुरमत विचार प्रस्तुत करेंगे। इस दौरान गुरु के उपदेश, जीवन दर्शन और इतिहास पर आधारित विचार साझा किए जाएंगे।

इसके बाद प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि के लिए अरदास की जाएगी। इस पावन अवसर पर “सरबत के भले” की अरदास कर समूची मानवता के कल्याण की प्रार्थना की जाएगी।

राजस्थान सिख समाज के अध्यक्ष अजय पाल सिंह ने बताया कि जयपुर में आदर्श नगर राजापार्क, वैशाली नगर, कंवर नगर और मानसरोवर गुरुद्वारों में बुधवार की सुबह से ही संगत पहुंचना शुरू हो जाएगी।

उन्होंने बताया कि आदर्श नगर गुरुद्वारे में लगभग 25 हजार श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। यहां श्रद्धालु मत्था टेकने के बाद दिनभर लंगर परसादी ग्रहण करेंगे। गुरु ग्रंथ साहिब की पालकी को भी विशेष फूलों और रोशनी से सजाया गया है।

गुरुद्वारे के ज्ञानी जगदीश सिंह ने बताया कि गुरु ने कई उपदेश दिए है। इनमें गुरुनानक देव जी के उपदेश नाम जपो, किरत करो, वंड छको के भाव को आगे बढ़ाने के लिए श्रद्धालु सेवा और भक्ति में लीन रहेंगे। जयपुर में प्रकाश पर्व का यह आयोजन न केवल सिख समाज बल्कि अन्य समुदायों के लिए भी श्रद्धा और एकता का प्रतीक बनेगा।

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