जयपुर। सीकर रोड स्थित भवानी निकेतन में आयोजित कोटि होमात्मक नौ दिवसीय 108 कुंडीय श्रीराम महायज्ञ में अब तक 61 लाख आहुतियां समर्पित की जा चुकी हैं। महायज्ञ के एक विशेष दिवस पर राजस्थान के महामहिम राज्यपाल की गरिमामय उपस्थिति रही। राज्यपाल ने यज्ञशाला में पहुंचकर प्रधान कुंड में राजस्थान के जन-कल्याण एवं समग्र विकास की कामना के साथ आहुतियां अर्पित कीं।
इस अवसर पर यज्ञाचार्य पंडित गणेश दास महाराज, यज्ञकर्ता महंत हरि शंकर दास महाराज वेदांती तथा सियाराम बाबा की बगीचे वालों की उपस्थिति रही। वैदिक मंत्रोच्चार और अग्निहोत्र के बीच यज्ञ की दिव्यता ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। राज्यपाल ने कथा स्थल पर पहुंचकर कथा का भी श्रवण किया एवं कहा कि राजस्थान धार्मिक नगरी है यहां धर्म प्राणी लोग यज्ञ हवन करते हैं तो वातावरण भक्ति में हो जाता है एवं गौ माता की रक्षा भी होती है।
महायज्ञ की ख्याति देश-विदेश तक फैल चुकी है। तारक पीठाधीश्वर शक्ति पाठ एवं समाधि सिद्ध महायोगी अनंत युक्त जगतगुरू रामानंद आचार्य स्वामी रामकृष्ण आचार्य नेपाल, विधायक एवं महामंडलेश्वर बालमुकुंद आचार्य महाराज हाथोज धाम , निर्मल दास जी महाराज गोवर्धन धाम, रामकिशोर दास सुदामा कुटिया, सूती शरण दास महाराज सुदामा कुटिया, राम रतन दास देवाचार्य महाराज डाकोर धाम, महामंडलेश्वर गणेश दास महाराज अयोध्या धाम अवधपुरी,अलबेली माधुरी शरण महाराज सरस निकुंज जयपुर, सहित देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी साधु-संत यज्ञ स्थल पर पहुंच रहे हैं और अपने आशीर्वचनों से आयोजन को पुण्यप्रद बना रहे हैं। प्रतिदिन श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या यज्ञ में सहभागिता कर रही है।
आयोजकों के अनुसार 26 एवं 27 फरवरी को राजेंद्र दास जी महाराज द्वारा कथा वाचन किया जाएगा, जिसमें श्री राम चरित और भक्ति-तत्व पर प्रवचन होंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु प्रतिदिन विशाल भंडारे की व्यवस्था भी सतत रूप से चल रही है।
26 फरवरी को महायज्ञ में राजस्थान सरकार की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी तथा जयपुर सांसद मंजू शर्मा की उपस्थिति भी प्रस्तावित है। आयोजकों का कहना है कि महायज्ञ के शेष दिनों में भी विभिन्न संत-महात्माओं और विशिष्ट अतिथियों का आगमन होगा।




















