पच्चीस हजार रुपए का इनामी डमी परीक्षार्थी गिरफ्तार

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जयपुर। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने कार्रवाई करते हुए सहायक अभियंता (सिविल) भर्ती परीक्षा-2022 में डमी परीक्षार्थी बनकर परीक्षा देने वाले पच्चीस हजार रुपए के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा 21 मई 2023 को आयोजित सहायक अभियंता (सिविल) (स्वायत्त शासन विभाग) प्रतियोगी परीक्षा में गड़बड़ी सामने आई थी। जांच में पता चला कि मूल अभ्यर्थी इंद्राज सिंह के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति ने डमी कैंडिडेट के रूप में परीक्षा दी। प्रवेश पत्र में फोटो से छेड़छाड़ कर सुनियोजित तरीके से यह साजिश रची गई थी।

इस मामले में एसओजी ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। पूर्व में मूल अभ्यर्थी इंद्राज सिंह सहित सहयोगी परमेश्वर लाल और सलमान खान को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया जा चुका है।

वहीं अनुसंधान के दौरान फरार चल रहे डमी परीक्षार्थी गुरदीप दास (31) निवासी आजाद नगर जिला हिसार (हरियाणा) की गिरफ्तारी के लिए पच्चीस हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। उसे डीएसटी भरतपुर टीम के सहयोग से हरियाणा से पकड़कर एसओजी ने विधिवत गिरफ्तार किया।

प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी गुरदीप दास ने ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से बाहरी सहायता प्राप्त कर परीक्षा दिलवाई और मूल अभ्यर्थी को अनुचित लाभ पहुंचाया। चौंकाने वाली बात यह है कि गुरदीप दास के पास कोई इंजीनियरिंग डिग्री नहीं है और वह मात्र 12वीं पास है। इसके बावजूद परीक्षा में उसकी सफलता से पेपर लीक की आशंका भी गहराई है, जिसकी जांच की जा रही है।

जांच में यह भी सामने आया कि मूल अभ्यर्थी इंद्राज सिंह के पास इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की डिग्री होने के बावजूद उसने सिविल अभियंता पद के लिए आवेदन किया और डमी परीक्षार्थी के माध्यम से परीक्षा उत्तीर्ण कर सरकारी सेवा प्राप्त करने का प्रयास किया।

अब तक इस प्रकरण में एक मूल अभ्यर्थी, एक डमी परीक्षार्थी और दो सहयोगियों सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
एसओजी के अनुसार आरोपी गुरदीप दास के खिलाफ हरियाणा और राजस्थान में कुल सात आपराधिक मामले दर्ज हैं।

पूर्व में भी वह विभिन्न परीक्षाओं में डमी के रूप में बैठने के मामलों में लिप्त पाया गया है। इस मामले में पेपर लीक और ब्लूटूथ नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों के संबंध में विस्तृत पूछताछ जारी है। एसओजी का कहना है कि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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