जयपुर। राजस्थान में बढ़ती भीषण गर्मी का असर अब आमजन के साथ-साथ आमेर की शान गजराजों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा लू की चेतावनी के बीच जयपुर के हाथी गाँव में हाथियों की विशेष देखभाल शुरू कर दी गई है। गर्मी से बचाने के लिए उनके रहन-सहन और खान-पान में कई बदलाव किए गए हैं।
थानों में कूलर-पंखे, आयुर्वेदिक देखभाल
हाथी मालिक विकास समिति के अध्यक्ष बल्लू खान ने बताया कि हाथियों के थानों में पंखे और कूलर लगाए गए हैं। तापमान बढ़ने पर कूलरों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा हाथियों के नाखूनों पर आयुर्वेदिक तेल से नियमित मालिश की जा रही है, ताकि तेज गर्मी के कारण उनमें दरार न पड़े।
डाइट में ठंडक का खास ख्याल
हाथियों के शरीर का तापमान संतुलित रखने के लिए उनके आहार में ठंडी तासीर वाली चीजें शामिल की गई हैं। उन्हें खीरा और तरबूज जैसे ताजे फल खिलाए जा रहे हैं। साथ ही सत्तू का शरबत और नारियल पानी भी पिलाया जा रहा है। दिन में कम से कम तीन बार तालाब में स्नान कराया जा रहा है, जिससे उन्हें गर्मी से राहत मिल सके।
सवारी समय घटाया, दो दिन अनिवार्य विश्राम
आमेर महल के अधीक्षक राकेश छोलक ने बताया कि हाथियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सवारी का समय सुबह 7 बजे से 10:30 बजे तक सीमित कर दिया गया है। साथ ही प्रत्येक हाथी को सप्ताह में दो दिन का अनिवार्य विश्राम दिया जा रहा है। वर्तमान में एक दिन छोड़कर एक दिन ही हाथियों को सवारी के लिए भेजा जा रहा है। चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए है।
परंपरा के साथ संवेदनशीलता
वरिष्ठ पर्यटक गाइड विनोद कुमार शर्मा के अनुसार आमेर की हाथी सवारी पर्यटकों के लिए राजसी परंपरा का जीवंत अनुभव है। इसे देखते हुए प्रशासन और हाथी मालिक यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि भीषण गर्मी के बीच भी इन बेजुबान जीवों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
गौरतलब है कि बढ़ते तापमान के बीच अपनाए जा रहे ये उपाय न केवल पशु संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण हैं, बल्कि पर्यटन व्यवस्था को संतुलित बनाए रखने में भी सहायक साबित हो रहे हैं।




















