क्रिप्टो निवेश और सस्ती स्कॉर्पियो के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का एजेंट गिरफ्तार

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जयपुर। स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) ने सोशल मीडिया पर क्रिप्टो निवेश और सस्ते दाम में महंगी गाड़ियां दिलाने का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के सहयोगी एजेंट सुरेश सैनी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में मुख्य आरोपी बंशीलाल उर्फ प्रिंस सैनी, ममता भाटी और दिनेश बागड़ी को पहले ही गिरफ्तार कर 18 दिसंबर 2025 को न्यायालय में चालान पेश किया जा चुका है।

एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि आरोपी सुरेश सैनी का भोपालगढ़ में जेसीबी रिपेयर वर्कशॉप है। क्षेत्र में पहचान होने के कारण उसने ग्रामीणों को झांसे में फंसाया। कमीशन के रूप में उसने अपने भाई के नाम पर एक स्कॉर्पियो गिरोह के सरगना से प्राप्त की थी, जिसे एसओजी ने जब्त कर लिया है। आरोपी को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट,जयपुर महानगर द्वितीय के समक्ष पेश कर पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है।

जांच में सामने आया कि गिरोह ने सोशल मीडिया पर ऊंचा रिटर्न देने का झूठा वादा कर एक वेबसाइट बनाई और मात्र 250 रुपये में आईडी बनाकर करीब 82 हजार लोगों को जोड़ा। इसके जरिए लगभग 2 करोड़ रुपये वसूले गए। बाद में हार्वेस्ट एआई टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड नाम से कंपनी बनाकर खुद को डायरेक्टर और मंगेतर ममता सैनी को को-डायरेक्टर बताया तथा एचबीटी कॉइन लॉन्च करने का भ्रामक प्रचार किया।

एडीजी ने बताया कि निवेश आकर्षित करने के लिए फेसबुक और इंस्टाग्राम पर 5.90 लाख रुपये में स्कॉर्पियो और 12 लाख रुपये में फॉर्च्यूनर देने का प्रलोभन दिया गया, जिसके जरिए 4 करोड़ 92 लाख 44 हजार रुपये जमा कराए गए। इसके अलावा 40 लोगों से लिखित एग्रीमेंट कराकर 15 करोड़ रुपये और वसूले गए। 15 अक्टूबर 2025 को भोपालगढ़ में “डबल सेंचुरी रिवार्ड सेरेमनी” आयोजित कर 250 स्कॉर्पियो देने की घोषणा की गई, जिसमें 251 लोगों से करीब 15 करोड़ रुपये ठगे गए।

जांच में यह भी सामने आया कि सुरेश सैनी ने ग्रामीण क्षेत्रों में 6 लाख रुपये में स्कॉर्पियो देने का लालच देकर 56 लोगों से करीब 3.5 करोड़ रुपये जमा कराए और कंपनी में 1173 आईडी लगाकर 28 लाख रुपये और जुटाए। ठगी की रकम से आरोपियों ने महंगी गाड़ियां खरीदी और विलासिता पर खर्च किया।

एसओजी ने आमजन से अपील की है कि किसी भी ऊंचे मुनाफे वाली क्रिप्टो, ऑनलाइन ट्रेडिंग या सोशल मीडिया निवेश योजना में पैसे लगाने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच अवश्य करें और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाने या एसओजी को दें।

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