
जयपुर। वैश्विक स्तर पर ओंकोलॉजी के क्षेत्र में परस्पर सहयोग को रेखांकित करते हुए फोर्टिस कैंसर इंस्टीट्यूट में फोटिस कैंसर समिट 2026 का आयोजन हो रहा है जिसमें देश-विदेश से कैंसर शोध से जुड़े विशेषज्ञों के अलावा ओंकोलॉजी से संबद्ध दिग्गज हिस्सा ले रहे हैं और कैंसर केयर के भविष्य पर मिल-जुलकर चर्चा करेंगे।
इस समिट में भारत भर के 50 से भी अधिक प्रतिष्ठित कैंसर सेंटर, 500 से अधिक नेशनल फैकल्टी और 25 देशों का प्रतिनिधित्व कर रहे 100 से अधिक इंटरनेशनल फैकल्टी की हिस्सेदारी के चलते यह आयोजन ओंकोलॉजी पर विचार-िवमर्श तथा इससे संबंधित श्रेष्ठ प्रथाओं के आदान-प्रदान के सर्वाधिक प्रभावशाली वैश्विक मंचों में से एक साबित होगा।
लगभग 1 हजार 200 प्रतिनिधियों तथा 150 ओंकोलॉजी छात्रों की प्रतिभागिता के चलते राष्ट्रीय राजधानी ग्लोबल ओंकोलॉजी विलेज में बदलने जा रही है जिसमें कैंसर केयर जैसे गंभीर विषय पर वैज्ञानिक आदान-प्रदान, नवाचार और परस्पर तालमेल पर जोर दिया जाएगा। इस मंच पर वैश्विक और भारतीय ओंकोलॉजी दिग्गजों को एकजुट कर भौगोलिक सीमाओं से परे, भविष्य के लिए तैयार कैंसर केयर को बढ़ावा दिया जाएगा।
ऐसे समय में जबकि अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में कैंसर के उपचार संबंधी गाइडलाइंस अलग-अलग हैं, ऐसे में इस कॉन्फ्रेंस में ‘साक्ष्य-आधारित ओंकोलॉजी से आगे’ के भविष्योन्मुखी और शक्तिशाली थीम को प्रमुख आधार बनाया गया है जो कि उभरते साक्ष्यों को रियल-वर्ल्ड क्लीनिकल प्रेक्टिस में बदलने पर जोर देगा।
दो दिनों तक चलने वाली इस समिट के दौरान 25 से अधिक थीम आधारित सत्रों का आयोजन किया जाएगा जिनमें अंग-विशेष पर आधारित ओंकोलॉजी सत्रों के अलावा मल्टीडिसीप्लीनरी चर्चाओं और व्यावहारिक वर्कशॉप शामिल होंगी और इनके माध्यम से प्रतिभागियों को उभरते साक्ष्यों और कैंसर केयर में रियल-वर्ल्ड में हो रहे नए प्रयोगों के बारे में व्यावहारिक जानकारी मिलेगी।
इस समिट में ओंकोलॉजी के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े जाने-माने वैश्विक विशेषज्ञों के अलावा प्रोटोन थेरेपी, एमआर-गाइडेड रेडियोथेरेपी (एमआर लाइनेक), रेडिएशन ओंकोलॉजी, मेडिकल ओंकोलॉजी, सर्जिकल ओंकोलॉजी, हेमेटोलॉजी, पिडियाट्रिक हेमेटोलॉजी, गाइनी ओंकोलॉजी तथा जीनोमिक्स के दिग्गज भी हिस्सा ले रहे हैं जो इस बात की ओर इशारा है कि इस मंच पर एकीकृत, नेक्स्ट-जेनरेशन कैंसर केयर पर जोर दिया जाएगा। समिट में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं।


















