देश-विदेश में आस्था- एकता और आध्यात्मिक ऊर्जा का संगम देखने को मिला

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A confluence of faith, unity, and spiritual energy was witnessed across the country and abroad.
A confluence of faith, unity, and spiritual energy was witnessed across the country and abroad.

जयपुर। बुद्ध पूर्णिमा पर अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से चलाए गए गृहे-गृहे यज्ञ अभियान के तहत जयपुर सहित देश-विदेश में आस्था, एकता और आध्यात्मिक ऊर्जा का संगम देखने को मिला। ऑनलाइन माध्यम से देशभर में 24 लाख स्थानों पर एक साथ यज्ञ में आहुतियां अर्पित कीं गई। वहीं जयपुर शहर में 11 हजार घरों में एक ही समय पर सामूहिक हवन संपन्न हुआ।

चीन, दुबई, मेलबॉर्न, सिडनी, शिकागो, इंडियाना, टेक्सास, पिसकोट और फिलीपींस सहित कई स्थानों से श्रद्धालु जुड़े। देशभर में राजस्थान के साथ गुजरात, झारखंड, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़, देहरादून, बेंगलुरु, दिल्ली, गुरुग्राम, उरई, शहडोल, मिर्जापुर, जबलपुर और इंदौर सहित अनेक शहरों से भी बड़ी संख्या में सहभागिता रही।

जयपुर में गायत्री शक्तिपीठ ब्रह्मपुरी, कालवाड़ शक्तिपीठ, वेदना निवारण केन्द्र मानसरोवर सहित शहर के एक दर्जन से अधिक प्रज्ञा संस्थानों और चेतना केन्द्रों पर सामूहिक हवन हुए। प्रत्येक केन्द्र पर सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता निभाई।

गायत्री परिवार जयपुर उप जोन समन्वयक सुशील शर्मा ने गायत्री चेतना केन्द्र दुर्गापुरा से यज्ञ का संचालन करते हुए पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्र निर्माण और वैश्विक सुख-शांति के लिए देव पूजन के बाद यज्ञ देवता को आहुतियां अर्पित करवाई है। बजाजनगर में इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा पद्धति बोर्ड के कार्यालय में गायत्री चेतना केन्द्र मुरलीपुरा के मनु महाराज के सान्निध्य में हवन कराया गया। बोर्ड के सदस्य डॉ. हेमंत सेठिया ने मुख्य यजमान के रूप में विश्व कल्याण की कामना के साथ देव पूजन के बाद आहुतियां प्रदान की।

यज्ञ के बाद कार्यालय परिसर में पौधरोपण किया गया और परिंडे लगाए गए। इस मौके पर अमृत वाणी का पाठ भी हुआ। गायत्री महिला मंडल झोटवाड़ा की कामिनी शर्मा, योगिता शर्मा, मंजू खंडेलवाल ने शास्त्रीनगर और वर्षा गुप्ता ने मानसरोवर के एक निजी विद्यालय में हवन करवाया। गायत्री परिवार के अन्य आचार्यों ने भी कई मंदिरों, विद्यालयों, कॉलोनियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में यज्ञ करवाया।

हवन सामग्री की सुगंध से महका वातावरण

प्रति घर 250 ग्राम हवन सामग्री, 200 ग्राम घी और 10 ग्राम कपूर उपलब्ध कराया गया। इस प्रकार कुल 2500 किलो हवन सामग्री, 2200 किलो घी और 110 किलो कपूर का उपयोग हुआ। यज्ञ धूम्र का प्रभाव साफ दिखाई दिया। सुबह वातावरण में हवन सामग्री की सुवास अनुभव हुई। हजारों लोगों ने ऑनलाइन के बजाय पहले दिए गए पत्रक के आधार पर ऑफलाइन हवन किया।

सेवा कार्यों में खर्च कर सकेंगे दक्षिणा राशि:

लोगों ने यूट्यूब, सोशल मीडिया और मोबाइल एप के जरिए घर बैठे यज्ञ किया। यज्ञ के बाद देव दक्षिणा राशि का उपयोग पौधारोपण, परिंडे लगाने, जरूरतमंदों को भोजन कराने और बच्चों को पुस्तकों देने जैसे सेवा कार्यों में करने का आह्वान किया गया।

प्रसाद में दिया साहित्य

यज्ञ के बाद कई स्थानों पर तरु प्रसाद के रूप में पौधों तथा ज्ञान प्रसाद के रूप में पुस्तकों वितरण किया गया। लोगों को रक्तदान और अंगदान का संकल्प कराया गया। महात्मा बुद्ध के जीवन से जुड़ी पुस्तिकाएं श्रद्धालुओं को नि:शुल्क प्रदान की गर्ईं।

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