भागवत कथा:सुदामा प्रसंग से भाव-विभोर हुए श्रद्धालु

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Devotees listened to the stories of various incidents including the childhood pranks of Lord Krishna.
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जयपुर। श्री साईं नाथ सेवा धाम समिति के तत्वावधान में श्री साईं बाबा के 20वें वार्षिकोत्सव के उपलक्ष्य में राजापार्क स्थित सिंधी कॉलोनी के स्वामी सर्वानंद पार्क में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का समापन शुक्रवार को हुआ। कार्यक्रम का समापन सुदामा चरित्र और परीक्षित मोक्ष प्रसंग के साथ कथा पूर्णाहुति व पोथी विदाई के साथ किया गया।

कथा वाचन करते हुए जगदगुरु परमहंसाचार्य स्वामी दयानंद सरस्वती ने सुदामा और भगवान श्रीकृष्ण की निस्वार्थ मित्रता का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि सच्चा मित्र वही है, जो संकट के समय साथ खड़ा रहे। उन्होंने बताया कि सुदामा ने कभी भगवान से किसी प्रकार के सुख-साधन या धन की कामना नहीं की। फिर भी प्रभु ने उनके भाव से प्रसन्न होकर उन्हें समृद्धि प्रदान की।

उन्होंने कहा कि समाज में सम्मान अमीरी से नहीं, बल्कि ईमानदारी और सज्जनता से मिलता है। जीवन में सच्चे मित्र बनाने चाहिए और अवसरवादी व चाटुकार मित्रों से बचना चाहिए। आयोजन से जुड़े निवर्तमान पार्षद घनश्याम चंदलानी ने बताया कि कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर कथा का श्रवण किया और अंत में आरती में शामिल हुए।

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