जयपुर। ढूंढाड़ क्षेत्र के परम्परागत 86वें श्री प्रेमभाया महोत्सव के पावन अवसर पर आयोजित चार दिवसीय भक्ति संगीत समारोह के चतुर्थ दिन युगल कुटीर, जयलाल मुंशी का रास्ता, चांदपोल बाजार में दिन के समय महिला मंडलों द्वारा भक्ति रस की मनोहारी वर्षा की गई।
इस अवसर पर लक्ष्मी गहलोत ने “आवो बंसरी वाले श्याम…” तथा राखी चतुर्वेदी ने “सांवरिया आओ जी सजीली चितवन में…” भजन प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। इसके साथ ही अनिता सैनी, मोहनी सोनी, कृपा शर्मा सहित अन्य गायिकाओं ने भी अपने मधुर भजनों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
सांय 7:00 बजे श्री प्रेमभाया सरकार का भव्य नगर संकीर्तन प्रारंभ हुआ। इस अवसर पर सुसज्जित रथ में ऋतु पुष्पों से मनमोहक श्रृंगार किया गया। नगर संकीर्तन में दीपक शर्मा ने “भजो राधे गोविन्द, भजो राधे…” की टेर से वातावरण को मंत्रमुग्ध किया। लोकेश सैनी ने “ओ बता दे कित्त आउं रे कन्हैया गईया वाले…”, चेतन गहलोत ने “तरस रह्यो दरश दिखावो गोपीनाथ…” तथा अभिषेक साहु ने “ओ रे नंद बाबा ने खीज्यो रे, बैठ कदम की डार कान्हों चीर चुरावै रे…” भजन प्रस्तुत किए। इसके साथ ही पुनीत खण्डेलवाल, प्रभु चौधरी, बनवारी सैनी, साक्षी शर्मा सहित अन्य भक्तों ने भी भक्त शिरोमणि युगलजी महाराज की ढूंढाड़ी भक्ति रचनाओं से भक्ति रस बरसाया।
नगर संकीर्तन के दौरान पूरे मार्ग में घर-घर से भक्तों द्वारा श्री प्रेमभाया सरकार की आरती उतारी गई तथा पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। समिति के अध्यक्ष दुर्गा चौधरी ने बताया कि नगर संकीर्तन जाट के कुएँ का रास्ता, गोपीनाथ जी का मंदिर, बारह भाइयों का चौराहा, नाहरगढ़ रोड, छोटी चौपड़, त्रिपोलिया बाजार, बड़ी चौपड़, जोहरी बाजार, गोपाल जी का रास्ता, लालजी सांड का रास्ता, अजायबघर का रास्ता, खूटेंटों का रास्ता होते हुए खजाने वालों के रास्ते से प्रातः 7:00 बजे युगल कुटीर पहुंचकर सम्पन्न हुआ।




















