जयपुर। हिंदू धर्म में रामनवमी का खास महत्व बताया गया हैं । हर वर्ष चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि के दिन रामनवमी मनाई जाती हैं । इस बार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि का प्रारम्भ 26 मार्च गुरुवार को सुबह 11 बजकर 52 मिनट पर हो रहा हैं । भगवान राम का जन्म मध्याह्न मुहूर्त में हुआ था । इसलिए 26 मार्च को मध्याह्न काल में ही भगवान राम का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस दिन सच्चे मन से पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती हैं ।
आचार्य गौरी शंकर शर्मा बोरखेड़ा ने बताया कि गुरुवार को सर्वार्थ सिद्धि योग और शोभन रहेगा और रामनवमी को स्वयं सिद्ध अबूझ मुहूर्त माना गया हैं। इस दिन सभी प्रकार के मांगलिक कार्य संपन्न किया जा सकते हैं। गृह प्रवेश और विवाह संस्कार के लिए रामनवमी का दिन श्रेष्ठ माना गया हैं।
इस दिन भक्त व्रत रखते हैं और भजन-कीर्तन करते हैं साथ में रामायण का पाठ के उपरांत हवन इत्यादि किया जाता हैं। अंत में भगवान से सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना की जाती हैं। रामनवमी के दिन भगवान राम के पूजा करने और हवन इत्यादि करने का शुभ मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 15 मिनट से दोपहर बाद 3:34 तक हैं ।




















