जयपुर। जगतपुरा स्थित गुप्त वृंदावन धाम में पावन पुरुषोत्तम मास के विशेष अवसर पर ‘श्री ब्रह्म संहिता कथा’ का भव्य शुभारंभ रविवार से हुआ। यह दिव्य कथा रविवार से प्रारंभ होकर पूरे पुरुषोत्तम मास के दौरान प्रतिदिन सायंकाल आयोजित की जाएगी, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और भक्ति-तत्त्व का रसपान कराया जाएगा।
कथा के प्रथम दिन के सत्र का शुभारंभ सुमधुर हरिनाम संकीर्तन, वैष्णव भजनों और वैदिक मंगलाचरण के साथ हुआ, जिससे पूरा पाण्डाल भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। प्रथम दिवस की कथा व्यासपीठ से संबोधित करते हुए अनंतशेष प्रभु ने पुरुषोत्तम मास की अपार महिमा और भगवान श्रीकृष्ण की विशेष कृपा पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने ब्रह्म संहिता के दिव्य तत्त्वों को समझाते हुए कहा कि सनातन धर्म में पुरुषोत्तम मास को सभी महीनों में सर्वश्रेष्ठ और परम फलदायी माना गया है। इस पवित्र महीने में किया गया भक्ति, साधना और प्रभु स्मरण का थोड़ा सा प्रयास भी मनुष्य को अनंत गुना शुभ फल प्रदान करता है।
कथा के दौरान श्रद्धालुओं को इस पावन मास में विशेष रूप से कथा-श्रवण, हरिनाम का जाप, पवित्र शास्त्रों का अध्ययन, निस्वार्थ सेवा, दान-पुण्य और साधना का संकल्प लेने की प्रेरणा दी गई। अनंतशेष प्रभु ने कहा कि ब्रह्म संहिता कथा के माध्यम से भक्तों को भगवान श्रीकृष्ण के परम पुरुषोत्तम स्वरूप और उनकी दिव्य लीलाओं को गहराई से समझने का अद्भुत अवसर प्राप्त होगा।
गुप्त वृंदावन धाम प्रबंधन की ओर से बताया गया कि इस कथा का आयोजन प्रतिदिन शाम साढ़े 6 बजे से धाम के ‘कृष्ण हॉल’ में किया जाएगा। स्थानीय भक्तों के साथ-साथ देश-विदेश के दूरस्थ श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है, जो यूटूयुब और जूम के माध्यम से ऑनलाइन इस दिव्य कथा से जुड़ सकते हैं।
कथा के समापन पर प्रतिदिन महाआरती होगी और भक्तों के लिए प्रसादम (भंडारे) की उत्तम व्यवस्था रहेगी। आयोजकों ने जयपुर के सभी धर्मप्रेमियों से आह्वान किया है कि वे परिवार सहित इस दिव्य धार्मिक आयोजन में सम्मिलित होकर पुरुषोत्तम मास में कथा, कीर्तन, जप और सेवा के माध्यम से अपने जीवन को कृष्णमय व धन्य बनाएं।



















