गौ संरक्षण और धर्म पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद

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Government Put in the Dock Over Cow Protection and Religion: Shankaracharya Avimukteshwaranand
Government Put in the Dock Over Cow Protection and Religion: Shankaracharya Avimukteshwaranand

जयपुर। अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती एक दिवसीय प्रवास पर गुरुवार को जयपुर पहुंचे। बनीपार्क क्षेत्र में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने धर्म, राजनीति, गौ संरक्षण और वैश्विक परिस्थितियों सहित विभिन्न मुद्दों पर खुलकर अपने विचार रखे।

शंकराचार्य ने कहा कि वे लंबे समय से जिन विषयों को उठा रहे हैं, उन पर सरकार अपेक्षित कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारें हिंदुओं से वोट तो लेती हैं, लेकिन उनके हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने से बचती हैं। गौ संरक्षण का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि देश में गौ हत्याओं को रोकने के लिए प्रभावी प्रयास नजर नहीं आते, जबकि वे लगातार इस विषय पर आवाज उठा रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि इन मुद्दों को उठाने के कारण कुछ लोग असहज हो रहे हैं और उनके खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है। जान से मारने की धमकियों के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनके कार्यालय को इस तरह के संदेश और वॉइस मैसेज मिले हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इन धमकियों से भयभीत नहीं हैं और अपने अभियान से पीछे हटने वाले नहीं हैं।

शंकराचार्य ने कहा, “गौ माता की रक्षा के लिए उठाई गई आवाज से हम पीछे नहीं हटेंगे, चाहे इसके लिए कोई भी कीमत क्यों न चुकानी पड़े।” उन्होंने धर्म रक्षा को अपने जीवन का उद्देश्य बताते हुए कहा कि संघर्ष करना ही उनका कर्तव्य है।

वैश्विक परिदृश्य पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया में बढ़ती अशांति का मूल कारण नैतिक मूल्यों की अनदेखी है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज में उत्तरदायित्व और नैतिकता का भाव मजबूत नहीं होगा, तब तक स्थायी शांति संभव नहीं है।

देश की वर्तमान स्थिति पर उन्होंने कहा कि आज धर्म का स्वरूप दिखावे तक सीमित होता जा रहा है। बड़े आयोजनों और भीड़ के बीच धर्म के मूल तत्व—सत्य, धैर्य, करुणा और क्षमा—कम होते जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि धर्म को केवल आयोजनों तक सीमित न रखकर अपने आचरण में उतारें।

हिंदू समाज में एकता के सवाल पर उन्होंने कहा कि वर्तमान संघर्ष आपसी नहीं, बल्कि “असली और नकली” के बीच है। उनके अनुसार जो व्यक्ति सिद्धांतों और परंपराओं के लिए खड़ा होता है, वही सच्चा हिंदू है।

अंत में उन्होंने दोहराया कि वे अपने दायित्व का निर्वहन करते रहेंगे और किसी भी दबाव, विरोध या धमकी से विचलित नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि समाज को जागरूक करने का उनका अभियान निरंतर जारी रहेगा।

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