जयपुर। सांगानेर सदर थाना इलाके में सीतापुरा रीको एरिया में व्यापारी से दिनदहाड़े हुई 3 लाख की लूट की वारदात का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने व्यापारी के पूर्व नौकर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर एक बाल अपचारी को निरुद्ध किया है। वहीं पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नकदी, लैपटॉप और अन्य सामान भी बरामद कर लिया गया है। फिलहाल आरोपितों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) राजर्षि राज ने बताया कि सांगानेर सदर थाना इलाके में सीतापुरा रीको एरिया में व्यापारी से दिनदहाड़े हुई 3 लाख की लूट की वारदात करने वाले सुरेश पांचाल (27),विकास बैरवा (19) और सुनील सैनी (18 वर्ष 5 माह) को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा एक बाल अपचारी को भी निरुद्ध किया गया है। सभी आरोपी सांभरिया (शिवदासपुरा) के रहने वाले है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई रकम में से 1,62,500 नकद, डेल कंपनी का लैपटॉप, दुकान के शटर की चाबियां और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी विकास बैरवा पहले मुकेश कुमार की दुकान पर मजदूरी करता था।
कुछ समय पहले उसने काम छोड़ दिया था। विकास को व्यापारी की पूरी दिनचर्या की जानकारी थी और उसे पता था कि व्यापारी रोज दुकान बंद कर नकदी बैग में लेकर घर जाते हैं।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि काम छोड़ने के दौरान हिसाब करते समय व्यापारी ने दिवाली बोनस के दिए गए 2100 काट लिए थे। इसी बात से नाराज होकर उसने बदला लेने की ठानी और साथियों के साथ मिलकर लूट की पूरी साजिश रच डाली।
सांगानेर सदर थानाधिकारी अनिल जैमनी ने बताया कि ग्राम रामपुरा (बीलवा) निवासी मुकेश कुमार शर्मा (43) की सीतापुरा स्थित चतराला सर्किल एसबीआई बैंक के पास ‘रिद्धि सिद्धि लाइट एंड सैनिट्री’ नाम से फर्म है। गत 28 अप्रैल 2026 की रात करीब 8.10 बजे मुकेश कुमार दुकान बंद कर घर लौट रहे थे।
दुकान से करीब 50 मीटर दूरी पर गली में मुड़ते ही बिना नंबर की सफेद स्विफ्ट कार में सवार तीन बदमाशों ने उनका बैग छीन लिया और फरार हो गए। व्यापारी ने कुछ दूरी तक पीछा भी किया, लेकिन आरोपी भाग निकले। बैग में 3 लाख नकद, डेल कंपनी का लैपटॉप, दुकान की चाबियां, खरीद-बिक्री के बिल, पुत्र गौरव शर्मा की 10वीं कक्षा की मार्कशीट और एक कीपैड मोबाइल रखा हुआ था।
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही मोबाइल डेटा और बीटीएस तकनीक की मदद से आरोपियों की पहचान कर उन्हें दबोच लिया। पूरे मामले के खुलासे में सांगानेर सदर थाने के कांस्टेबल हनुमान (कांस्टेबल नंबर की विशेष भूमिका रही। टीम में उप निरीक्षक धर्मवीर सिंह, एएसआई प्रेमचंद, हेड कांस्टेबल जितेंद्र यादव, राजेश, कांस्टेबल रामावतार, प्रेम चौधरी तथा डीसीपी साउथ कार्यालय की तकनीकी शाखा के हेड कांस्टेबल लोकेश शामिल रहे।



















