आरटीई एडमिशन में गड़बड़ियों पर सख्ती: स्कूलों का होगा राज्यभर में निरीक्षण

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Strict Action Against Irregularities in RTE Admissions: Statewide Inspection of Schools to be Conducted
Strict Action Against Irregularities in RTE Admissions: Statewide Inspection of Schools to be Conducted

जयपुर। आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत प्रवेश प्रक्रिया को लेकर मिल रही शिकायतों के बीच अब शिक्षा विभाग एक्शन मोड में आ गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेशभर में अधिकारियों द्वारा स्कूलों का औचक निरीक्षण किया जाएगा, जिसमें आवेदन से लेकर प्रवेश और फीस तक की पूरी प्रक्रिया की जांच होगी।

संयुक्त अभिभावक संघ के अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि कई निजी स्कूल नियमों की अनदेखी कर आरटीई के तहत चयनित छात्रों के अभिभावकों से अवैध रूप से फीस वसूल रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी करीब 41 हजार छात्र सूची में शामिल होने के बावजूद प्रवेश से वंचित रह गए थे, क्योंकि स्कूलों ने कोर्ट में लंबित याचिकाओं का हवाला देकर मनमानी की।

अग्रवाल के अनुसार इस वर्ष भी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। कई निजी स्कूलों में पीपी3, पीपी4 और पीपी5 को एंट्री लेवल माना जा रहा है, जबकि इन कक्षाओं की फीस का पुनर्भरण सरकार द्वारा नहीं किया जाता। ऐसे में स्कूल अभिभावकों से सीधे फीस मांग रहे हैं।

उन्होंने कुछ प्रमुख स्कूलों—नीरज मोदी स्कूल, सीडलिंग मॉडर्न हाई स्कूल और एसएमएस स्कूल—का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि यहां आरटीई के तहत चयनित छात्रों से भी प्रवेश के नाम पर राशि ली जा रही है। कई अभिभावकों ने मजबूरी में फीस जमा भी कराई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। संघ ने चेतावनी दी है कि जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा।

वहीं शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव ने कहा कि निरीक्षण अभियान के तहत यह देखा जाएगा कि कितने आवेदन प्राप्त हुए, कितनों को अस्वीकृत किया गया और कितने छात्रों को वास्तविक रूप से प्रवेश मिला। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि पहले से आरटीई के तहत पढ़ रहे छात्र अभी भी स्कूल में हैं या नहीं, और कहीं स्कूल छात्रों को हटाकर भी सरकार से फीस का पुनर्भरण तो नहीं ले रहे।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निरीक्षण में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग का मानना है कि इस व्यापक जांच अभियान से आरटीई प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और शिकायतों का समाधान हो सकेगा।

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