जयपुर। अधिक मास के पावन अवसर पर श्री भाटिया बिरादरी प्रबंध समिति द्वारा आदर्श नगर स्थित भाटिया भवन में 24 मई तक 108 श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। समिति अध्यक्ष अजय गांधी ने बताया कि शनिवार को भव्य कलश यात्रा निकाली गई।
कथा के प्रथम दिवस पर गोकुल के आचार्य सुरेश शास्त्री ने भागवत महात्म्य, प्रथम स्कंध, अधिकार लीला, कुंती स्तुति एवं भीष्म स्तुति का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा का शुभारंभ भगवान वेदव्यास, श्री शुकदेव जी एवं भगवान श्रीकृष्ण के पूजन के साथ हुआ। श्रद्धालुओं ने “हरे कृष्ण” और “राधे-राधे” के जयकारों के बीच कथा श्रवण किया।
कथाव्यास ने कहा कि कलियुग में भगवान प्राप्ति का सबसे सरल माध्यम श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण है। भागवत स्वयं भगवान श्रीकृष्ण का स्वरूप है और इसके श्रवण से भक्ति, ज्ञान एवं वैराग्य की प्राप्ति होती है। कथा में राजा परीक्षित, माता कुंती एवं भीष्म पितामह से जुड़े प्रसंगों का भी विस्तार से वर्णन किया गया।
कथा के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने भजनों पर नृत्य किया तथा अंत में आरती एवं प्रसाद वितरण किया गया। समिति उपाध्यक्ष नितिन भाटिया ने बताया कि सोमवार को वाराह अवतार, दक्ष यज्ञ एवं ध्रुव चरित्र की कथा होगी।



















