जयपुर। अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) के पावन अवसर पर गुलाबी नगरी ‘छोटीकाशी’ पूरी तरह भक्ति के रंग में सराबोर हो गई है। शहर में एक दर्जन से अधिक स्थानों पर विभिन्न धार्मिक कथाओं और ज्ञान यज्ञों के आयोजन हो रहे हैं। प्रचंड गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है, वहीं आयोजकों ने भी श्रोताओं की सुविधा के लिए कूलर और छाया के पर्याप्त इंतजाम किए हैं। सोमवार को शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में मीरा चरित्र, राम कथा और भरत चरित्र कथा के दौरान भक्ति का अनूठा प्रवाह देखने को मिला।
श्यामनगर: भव्य कलश यात्रा के साथ मीरा चरित्र कथा का शुभारंभ
महिला मंडल जागृति संगठन की ओर से श्यामनगर मेट्रो स्टेशन के पास स्थित श्री साकेतेश्वर महादेव मंदिर में तीन दिवसीय संगीतमय मीरा चरित्र कथा का सोमवार को भव्य शुभारंभ हुआ। कथा से पूर्व न्यू सांगानेर रोड (सोडाला) की वेद वाटिका स्थित श्री वीर हनुमान मंदिर से गाजे-बाजे के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं एक ही रंग की साड़ी में, सिर पर मंगल कलश धारण कर शामिल हुईं।
श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए और श्रीकृष्ण-मीराबाई के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। कलश यात्रा विभिन्न मार्गों से होती हुई कथा स्थल पहुंची, जहां सुप्रसिद्ध कथावाचक पं. उमेश व्यास ने मंगलाचरण के साथ कथा शुरू की। उन्होंने मीराबाई की कृष्ण भक्ति, त्याग और समर्पण के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। यह कथा 20 मई तक प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगी।
गलता गेट: “भए प्रकट कृपाला…” से गूंजा मंदिर, मनाया राम जन्मोत्सव
गलता गेट स्थित गीता गायत्री मंदिर में चल रही रामकथा के दूसरे दिन सोमवार को भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। पातालपुरी पीठाधीश्वर बालक देवाचार्य महाराज ने व्यासपीठ से जैसे ही “भए प्रकट कृपाला दीनदयाला कौशल्या हितकारी…” चौपाई के साथ प्रभु राम के प्राकट्य का प्रसंग सुनाया, पूरा पंडाल तालियों और जयकारों से गूंज उठा। पं. राजकुमार चतुर्वेदी ने बताया कि राम जन्मोत्सव के इस खास मौके पर जमकर बधाइयां बांटी गईं और श्रद्धालु भावविभोर होकर नृत्य करने लगे।
महावीर नगर: “उच्च कोटि के निष्काम भक्त थे भरत जी”
हरिनाम संकीर्तन परिवार के तत्वावधान में महावीर नगर स्थित श्री राम मंदिर में पांच दिवसीय ‘श्री भरत चरित्र कथा’ का आयोजन किया जा रहा है। अग्रवाल महिला मण्डल (महावीर नगर) के सहयोग से आयोजित इस कथा के दूसरे दिन सोमवार को व्यासपीठ से अकिंचन महाराज ने भरत जी के जीवन के अनसुने प्रसंगों पर प्रकाश डाला।उन्होंने कहा कि भरत जी उच्च कोटि के भक्त थे, जो भगवान की निष्काम साधना करते थे। कथा के दौरान मधुर भजनों और प्रसंगों के माध्यम से भगवान राम और भरत जी के आदर्श भाईचारे व चरित्र का सुंदर वर्णन किया गया।



















