अधिकमास में श्री गोवर्धननाथ जी मंदिर में भागवत कथा व 56 भोग महोत्सव की धूम

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Bhagavat Katha at the Shri Govardhannath Ji Temple during Adhikmas
Bhagavat Katha at the Shri Govardhannath Ji Temple during Adhikmas

जयपुर। अधिकमास के अवसर पर सूरजपोल स्थित मोहनबाड़ी के श्री गोवर्धननाथ जी मंदिर में 11 दिवसीय श्रीमद्भागवत एकादश एवं मूल श्लोक परायण, दर्शन और 56 भोग महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ आयोजित किया जा रहा है। श्री पुष्टिमार्गीय वैष्णव मंडल एवं श्री वल्लभ पुष्टिमार्गीय मंदिर प्रबंध समिति के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव के तहत सोमवार से श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ।

कथा प्रारंभ से पूर्व मुख्य यजमान बांगड़ परिवार ने श्रीमद्भागवत की पूजा-अर्चना की। कथा व्यास बड़ौदा के गिरिराज जी शास्त्री ने श्रद्धालुओं को भागवत रसपान कराते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत साक्षात भगवान श्रीकृष्ण का वांग्मय स्वरूप है और इसका श्रवण मनुष्य को जन्म-मृत्यु के बंधन से मुक्ति दिलाता है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा ज्ञान, वैराग्य और भक्ति को दृढ़ करती है तथा कलियुग में मोक्ष प्राप्ति का सर्वोत्तम साधन है।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की शरण में आने और कथा श्रवण से जीवन के कष्ट दूर होते हैं तथा भगवान की कृपा प्राप्त होती है। इस अवसर पर श्री अनारामधाम वैदिक पीठाधीश्वर वेदमूर्ति गुरुजी महाराज महेंमदाबाद (गुजरात) ने भी कथा श्रवण किया।

महोत्सव के दौरान मंदिर में निकुंज फलों के हिंडोले की आकर्षक झांकी सजाई गई। आगामी दिनों में महाप्रभु जी 84 बैठक मनोरथ, यमुना जी में नौका विहार, कैरी मनोरथ, कमल तलाई, ब्याहुला, खस महल, गिर्राज जी की कंदरा, फूलों की सांझी, गौचारण एवं अष्ट सखी द्वार सहित विभिन्न मनोरथों की भव्य झांकियां सजाई जाएंगी। श्रद्धालु प्रतिदिन शाम 7 बजे से रात्रि 9 बजे तक झांकियों के दर्शन कर सकेंगे।

मंडल अध्यक्ष गोविंद मालपानी एवं कोषाध्यक्ष सोहनलाल अग्रवाल टुकड़ेवाला ने बताया कि महोत्सव के दौरान विद्वानों द्वारा प्रतिदिन भागवत के मूल श्लोकों का पाठ भी किया जा रहा है, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो रहा है।

इस अवसर पर नारायण लाल अग्रवाल, लक्ष्मण, ओमप्रकाश मांधना, सरोज चावला, रामसहाय मांधना, सुनील कपूर, संजय बांगड़, भरत मालपानी, प्रमोद कोटेवाला, गोवर्धन भगत, रेखा भगत सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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