जयपुर। राजधानी की साइबर पुलिस थाना टीम ने वर्ष 2019 के बहुचर्चित बीमा पॉलिसी फ्रॉड मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए छह साल से फरार चल रहे ₹25 हजार के इनामी आरोपी को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। राजस्थान उच्च न्यायालय की मॉनिटरिंग के बीच पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और रियल टाइम इंटेलिजेंस के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को दबोच लिया।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि जयपुर पुलिस साइबर अपराधियों के खिलाफ समग्र और परिणामोन्मुख अभियान चला रही है। भगोड़े अपराधियों की धरपकड़ के तहत यह कार्रवाई बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
बीमा पॉलिसी क्लेम के नाम पर ठगी
साइबर थाना पुलिस के अनुसार वर्ष 2019 में परिवादी कैलाश चंद्र शर्मा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात लोगों ने बंद पड़ी बीमा पॉलिसी का लाखों रुपए का क्लेम और बोनस दिलाने का झांसा दिया। आरोपियों ने प्रोसेसिंग फीस, टैक्स और अन्य शुल्कों के नाम पर उनसे ऑनलाइन लाखों रुपए ठग लिए।
विशेष पुलिस आयुक्त ने बताया कि मामले में साइबर थाना पुलिस ने मजबूत अनुसंधान और प्रभावी पैरवी के जरिए वर्ष 2023 में मुख्य सरगना सहित छह आरोपियों को दोषसिद्ध करवा दिया था। हालांकि गैंग का एक प्रमुख सदस्य लगातार पहचान और ठिकाने बदलकर फरार चल रहा था, जिस पर ₹25 हजार का इनाम घोषित था।
प्रतापगढ़ में दी दबिश, आरोपी गिरफ्तार
डीसीपी साइबर के निर्देशन और एडिशनल डीसीपी के सुपरविजन में साइबर थाने के थानाधिकारी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने आरोपी के डिजिटल फुटप्रिंट्स और तकनीकी सूचनाओं का विश्लेषण किया। पुख्ता जानकारी मिलने पर टीम ने उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के अंतू थाना क्षेत्र में दबिश दी।
वहां से पुलिस ने वांछित आरोपी धीरज कुमार ओझा (34) निवासी पूरे बसवन, थाना अंतू, जिला प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता सहित अन्य प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में साइबर थाना के हेड कांस्टेबल जगदीश प्रसाद, हेड कांस्टेबल अमरेश यादव और कांस्टेबल भूपसिंह नेहरा की विशेष भूमिका रही। पुलिस आयुक्त ने तीनों पुलिसकर्मियों की सराहना करते हुए विशेष प्रशंसा की है।
पुलिस की अपील: सतर्क रहें, सुरक्षित रहें
विशेष पुलिस आयुक्त ओम प्रकाश ने आमजन से साइबर ठगी से बचाव के लिए सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि अनजान कॉल, बोनस, बीमा क्लेम, केवाईसी अपडेट या रिफंड के नाम पर आने वाले झांसों से सावधान रहें। किसी भी अनजान व्यक्ति से बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी, एटीएम पिन या केवाईसी दस्तावेज साझा नहीं करें।
उन्होंने लोगों से अपने बैंक खाते, मोबाइल सिम या ई-वॉलेट किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए नहीं देने की भी अपील की। साथ ही एनी डेस्क और टीम वेयर जैसे रिमोट एक्सेस एप डाउनलोड करने से बचने की सलाह दी। पुलिस ने लोगों से मोबाइल में और इंस्टॉल रखने की भी अपील की।
साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
पुलिस ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार होता है तो तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। समय रहते सूचना देने पर ठगी गई राशि होल्ड होने और वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।



















