भागवत कथा में रुक्मणी विवाह प्रसंग सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु

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जयपुर। श्री पुष्टिमार्गीय वैष्णव मंडल एवं श्री वल्लभ पुष्टिमार्गीय मंदिर प्रबंध समिति के तत्वावधान में अधिकमास के अवसर पर सूरजपोल स्थित मोहनबाड़ी के श्री गोवर्धननाथ जी मंदिर में चल रहे 11 दिवसीय श्रीमद्भागवत परायण एवं 56 भोग महोत्सव के तहत मंगलवार को कमल के फूलों की तिवारी मनोरथ झांकी सजाई गई। झांकी भक्तों के बीच आकर्षण का केंद्र रही और दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।

समिति अध्यक्ष नारायण दास अग्रवाल, मंत्री सोहनलाल टुकड़ेवाला, संयोजक नटवरलाल मालपानी एवं कोषाध्यक्ष गोरधनदास भगत ने बताया कि झांकी को तैयार करने में कमल व मोगरे के फूलों, फव्वारों, पतंगों और खिलौनों का उपयोग किया गया।

इससे पूर्व भागवत मर्मज्ञ गिरिराज जी शास्त्री ने व्यासपीठ से रुक्मणी विवाह प्रसंग की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि रुक्मणी की अटूट भक्ति और समर्पण से प्रसन्न होकर भगवान कृष्ण ने उनका हरण कर विवाह किया। यह कथा प्रेम, विश्वास और भक्ति का अद्भुत संदेश देती है।

कार्यक्रम में पीडी बांगड़ एवं एमडी बांगड़ परिवार ने भागवत पूजन एवं आरती की। इस अवसर पर गोविंद मालपानी, लक्ष्मण मलिक, ओमप्रकाश मांधना, सुनील कपूर, संजय बांगड़, भरत मालपानी सहित कई श्रद्धालु मौजूद रहे।

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