जयपुर। जयसिंहपुरा खोर थाना इलाके में स्थित एक निजी अस्पताल में संचालक डॉक्टर से मारपीट और ब्लैकमेलिंग के मामले में पुलिस ने मां और दो बेटियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी युवती पहले अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के रूप में कार्यरत थी और पूर्व में डॉक्टर पर दुष्कर्म का मामला दर्ज कराने के बाद समझौते के जरिए रकम वसूल चुकी थी। बाद में दोबारा पैसों की मांग करने पर विवाद हुआ और मारपीट की वारदात हुई।
पुलिस उपायुक्त जयपुर उत्तर करण शर्मा ने बताया कि मानबाग स्थित आशीर्वाद हॉस्पिटल के संचालक जितेन्द्र कुमार मीणा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 28 अप्रैल 2026 को तीन महिलाएं जबरन उनके निजी केबिन में घुस आईं और पैसों की मांग करने लगीं। विरोध करने पर महिलाओं ने गाली-गलौज करते हुए डॉक्टर के साथ लात-घूंसों और चप्पलों से मारपीट की। घटना में डॉक्टर घायल हो गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त नीरज पाठक एवं एसीपी आमेर सुरेंद्र सिंह राणावत के निर्देशन में जयसिंहपुरा खोर थानाधिकारी मुकेश कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए संजना महावर, उसकी बहन ज्योति महावर और मां रेखा देवी को गिरफ्तार कर लिया। तीनों गलता गेट क्षेत्र की निवासी हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि संजना महावर पहले इसी अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ थी। वर्ष 2023 में उसने डॉक्टर के खिलाफ सिंधीकैंप थाने में दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। बाद में समझौता कर कोर्ट में बयान बदल दिए गए थे। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने समझौते के दौरान डॉक्टर से रकम ली थी। इसके बाद 28 अप्रैल को दोबारा पैसे मांगने अस्पताल पहुंचीं। डॉक्टर द्वारा मना करने पर उन्होंने मारपीट कर दी।
पुलिस ने बताया कि मामले में बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों ने अन्य लोगों को भी इसी तरह ब्लैकमेल करने का प्रयास किया या नहीं। गिरफ्तार महिलाओं को न्यायालय में पेश किया जाएगा।



















