सात हजार से ज्यादा बच्चों ने दिखाई प्रज्ञा योग की शक्ति: आंखों पर पट्टी बांधकर किए हैरतअंगेज प्रदर्शन

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Over seven thousand children demonstrated the power of Pragya Yoga.
Over seven thousand children demonstrated the power of Pragya Yoga.

जयपुर। द आर्ट ऑफ लिविंग के तत्वावधान में आयोजित ‘अंतःप्रज्ञा उत्सव’ में 11 हजार से अधिक बच्चे और अभिभावक शामिल हुए। इस आयोजन में 7 हजार से ज्यादा बच्चों ने ‘प्रज्ञा योग’ के माध्यम से विकसित एकाग्रता और अंतःप्रज्ञा क्षमता का प्रदर्शन कर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। राजस्थान के 50 से अधिक बच्चों ने भी इस महा आयोजन में भागीदारी निभाई।

कार्यक्रम में बच्चों ने आंखों पर पट्टी बांधकर पढ़ना, चित्र पहचानना, टिक-टैक-टो खेलना, चित्र प्रतिलिपि बनाना और स्मृति आधारित गतिविधियां कर अपनी क्षमता दिखाई। आयोजन का सबसे आकर्षक क्षण तब रहा जब 50 बच्चों ने आंखों पर पट्टी बांधकर आश्रम परिसर में साइकिल चलाई।

आयोजन के दौरान वैश्विक आध्यात्मिक गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर ने बच्चों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दौर में मानव चेतना और अंतःप्रज्ञा का विकास अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बच्चों तक यह ज्ञान पहुंचा कर मानव विकास का नया अध्याय लिखा जा रहा है।

कार्यक्रम में ध्यान, प्राणायाम और भावनात्मक संतुलन के जरिए बच्चों की मानसिक क्षमता विकसित करने पर जोर दिया गया। अभिभावकों ने बताया कि प्रज्ञा योग से बच्चों के आत्मविश्वास, स्मरण शक्ति और एकाग्रता में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है।
राजस्थान की एशियन गेम्स स्वर्ण पदक विजेता अश्वारोही दिव्याकृति सिंह ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि प्रज्ञा योग से उन्हें प्रतियोगिताओं के दौरान सही निर्णय लेने और घोड़ों के व्यवहार को बेहतर समझने में मदद मिली।

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