फर्जी ताइक्वांडो प्रमाण पत्र लगाकर चयन कराने की साजिश रचने वाला गिरफ्तार

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Man arrested for conspiring to secure selection using fake Taekwondo certificates.
Man arrested for conspiring to secure selection using fake Taekwondo certificates.

जयपुर। राजस्थान में सरकारी नौकरियों में फर्जीवाड़े के बड़े खेल का खुलासा करते हुए स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने तृतीय श्रेणी अध्यापक (लेवल-1) भर्ती-2022 में फर्जी ताइक्वांडो प्रमाण पत्र लगाकर चयन कराने की साजिश रचने वाले आरोपित भभूता राम विश्नोई को जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया है। आरोपित पर पीटीआई भर्ती परीक्षा-2022 में अपने भाई की जगह डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलवाने का भी आरोप है। फिलहाल एसओजी की टीम आरोपित से पूछताछ करने में जुटी है।

एसओजी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से आयोजित तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती-2022 में खेल कोटे के तहत चयन के लिए 38 अभ्यर्थियों ने नेशनल लेवल ताइक्वांडो प्रतियोगिता के फर्जी प्रमाण पत्र पेश किए थे। जांच में सामने आया कि इन प्रमाण पत्रों को असली साबित करने के लिए ‘ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया, धनबाद, झारखंड’ के नाम से मिलती-जुलती फर्जी ईमेल आईडी बनाकर प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर को कूटरचित सत्यापन रिपोर्ट भेजी गई थी।

इस मामले में एसओजी थाना में धोखाधड़ी, कूटरचना और आईटी एक्ट की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपित भभूताराम उर्फ रणजीत विश्नोई निवासी लछिए का तला बाड़मेर ने दलाल सतीश डुल के माध्यम से करीब एक लाख रुपए में फर्जी ताइक्वांडो खेल प्रमाण पत्र का सौदा तय किया था। आरोपित ने करीब तीन वर्ष पहले 15 हजार रुपए नकद देकर प्रमाण पत्र हासिल किया और चयन समिति के समक्ष प्रस्तुत कर सरकारी नौकरी पाने का प्रयास किया।

एसओजी के अनुसार आरोपित पहले से ही एक अन्य मामले में जयपुर सेंट्रल जेल में न्यायिक अभिरक्षा में बंद था। उस पर पीटीआई भर्ती परीक्षा-2022 में अपने छोटे भाई मुकेश कुमार की जगह डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलवाने का भी आरोप है। जांच में सामने आया कि शिक्षा विभाग के यूडीसी जगदीश सारण के माध्यम से आरोपित ने पवन कुमार नामक युवक को मोटी रकम देकर भाई की जगह परीक्षा में बैठाया था। इस संबंध में अलग से मामला दर्ज है।

एसओजी ने आरोपित को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे 30 मई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। एसओजी अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े दलालों, फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने वालों और अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।

एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि मामले में अब तक 38 नामजद अभ्यर्थियों में से 21 अभ्यर्थियों सहित फर्जी ईमेल आईडी तैयार करने वाले आरोपित बिमलेन्दु कुमार झा, दलाल कमल सिंह तथा फर्जी खेल प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने वाले अन्य आरोपितों समेत कुल 28 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। शेष आरोपितों और दलालों की तलाश जारी है।

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