जयपुर। जगतपुरा-नंदपुरी रोड चौड़ीकरण परियोजना के तहत सोमवार को जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाते हुए पांच धार्मिक स्थलों सहित 12 अवैध निर्माणों को हटाया। कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। करीब 3 हजार पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के साथ राजस्थान सशस्त्र कांस्टेबुलरी (आरएसी) की 12 कंपनियां तैनात रहीं। एहतियात के तौर पर जयपुर के कई क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं बंद रखी गईं तथा कार्रवाई स्थल के आसपास बिजली आपूर्ति भी अस्थायी रूप से रोक दी गई।
जेडीए की यह कार्रवाई नंदपुरी अंडरपास के पास रेलवे लाइन के समानांतर बनी सड़क को उसके मूल स्वरूप के अनुसार 80 फीट चौड़ा करने के लिए की गई। करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे इस मार्ग की वास्तविक चौड़ाई कई स्थानों पर केवल 25 से 30 फीट रह गई थी, जबकि राजस्व रिकॉर्ड में इसकी चौड़ाई 80 फीट दर्ज है। यह मार्ग नंदपुरी अंडरपास को जगतपुरा से जोड़ता है और आसपास की दर्जनों कॉलोनियों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है।

सुबह से ही छावनी में बदला इलाका
कार्रवाई से पहले नंदपुरी अंडरपास और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक बैरिकेडिंग कर आमजन की आवाजाही रोक दी गई। केवल अधिकृत अधिकारियों और कर्मचारियों को ही प्रवेश की अनुमति दी गई। सुरक्षा कारणों से बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद की गई तथा अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं को रोकने के लिए इंटरनेट सेवाओं पर भी रोक लगाई गई।
एडिशनल पुलिस कमिश्नर डॉ. राजीव पचार ने बताया कि कार्रवाई को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए शहर में करीब 3 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल, आरएसी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवान तैनात रहे। पुलिस अधिकारियों ने लगातार गश्त की तथा सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखी गई। जयपुर पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल पूरे अभियान की मॉनिटरिंग करते रहे।
अब तक 135 अतिक्रमण हटाए
पुलिस अधिकारी सरोज धायल ने बताया कि नंदपुरी रोड को चौड़ा करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत सोमवार को 12 अवैध निर्माण हटाए गए। कार्रवाई पूरी तरह शांतिपूर्ण रही और किसी प्रकार का विरोध प्रदर्शन सामने नहीं आया। स्थानीय लोगों ने भी शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग किया। अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना के तहत अब तक कुल 135 अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं।

लोखंडा मशीन भी रही तैयार
कार्रवाई के दौरान विशेष रूप से ‘लोखंडा मशीन’ भी मंगवाई गई थी। अधिकारियों के अनुसार यह उत्तर भारत की एकमात्र ऐसी मशीन है, जिसका उपयोग भारी लोहे के ढांचों, स्टील स्ट्रक्चर और मजबूत निर्माणों को ध्वस्त करने में किया जाता है। हालांकि मौके पर मौजूद अन्य ध्वस्तीकरण मशीनों से ही कार्य पूरा हो जाने के कारण इसका उपयोग नहीं करना पड़ा।
ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी
कार्रवाई के दौरान कई ऊंची इमारतों पर पुलिस बल तैनात किया गया ताकि लोग छतों पर एकत्रित न हो सकें। ड्रोन कैमरों से भी निगरानी रखी गई। लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की जाती रही। प्रशासन ने कार्रवाई क्षेत्र में वीडियो और फोटोग्राफी पर भी रोक लगाई थी।
50 कॉलोनियों को मिलेगा लाभ
जेडीए अधिकारियों के अनुसार सड़क चौड़ीकरण पूरा होने के बाद नंदपुरी से जगतपुरा तक आवागमन सुगम होगा। हरे कृष्णा मार्ग पर यातायात का दबाव कम होगा और करीब 50 कॉलोनियों के निवासियों को जाम से राहत मिलेगी। साथ ही मालवीय नगर, एपेक्स सर्किल और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंच आसान हो जाएगी।
कांग्रेस विधायक और वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने उठाए सवाल
जेडीए की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस विधायक अमीन कागजी तथा राजस्थान वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष खानू खान बुधवाली ने सवाल उठाए हैं। कागजी ने आरोप लगाया कि जिस धार्मिक स्थल को अवैध निर्माण बताकर हटाया गया। उसकी भूमि विधिवत खरीदी गई थी और बाद में उसे वक्फ के लिए समर्पित किया गया था। उन्होंने दावा किया कि भूमि रूपांतरण के लिए वर्ष 1994 में जेडीए में शुल्क भी जमा कराया गया था तथा संबंधित दस्तावेज उपलब्ध हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन के साथ कई दिनों से वार्ता चल रही थी, लेकिन शुक्रवार रात नोटिस चस्पा कर सोमवार सुबह कार्रवाई कर दी गई। वहीं खानू खान बुधवाली ने कहा कि संबंधित मामले में वक्फ ट्रिब्यूनल में सुनवाई प्रस्तावित थी और प्रशासन को निर्णय से पहले प्रतीक्षा करनी चाहिए थी। दोनों नेताओं ने कार्रवाई को न्यायालय में चुनौती देने की बात कही है।
पुलिस ने अफवाहों से बचने की अपील की
ब्रह्मपुरी थाना अधिकारी हेमंत जनागल ने आमजन से सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली सूचनाओं की सत्यता जांचने के बाद ही उन्हें साझा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए आवश्यक है, जबकि विरोध जताने वाले पक्ष इसे लेकर कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी में हैं। फिलहाल कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई है और अब सड़क निर्माण एवं चौड़ीकरण के अगले चरण की तैयारी की जा रही है।



















