जयपुर। वैशाली नगर थाना पुलिस ने वांछित अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए करीब 11 साल से फरार चल रहे 5 हजार रुपए के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक कीमती प्लॉट के फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक से लोन लेने का प्रयास किया था और वर्ष 2015 से फरार चल रहा था।
जयपुर पश्चिम के पुलिस उपायुक्त प्रशांत किरण ने बताया कि पुलिस आयुक्तालय जयपुर की ओर से 1 मई से 30 जून 2026 तक वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत वैशाली नगर थानाधिकारी आरती सिंह तंवर के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी रामप्रसाद कुमावत (51) निवासी हनुमान नगर विस्तार, खातीपुरा वैशाली नगर है। आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर वर्ष 2015 में एक कीमती प्लॉट पर कब्जा करने और स्वयं को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से आपराधिक षड्यंत्र रचा था।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने परिवादी को आर्थिक नुकसान पहुंचाने की नियत से संबंधित प्लॉट के फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेज, विक्रय पत्र (सेल डीड) और बख्शीश नामा तैयार कर लिए थे। इन दस्तावेजों के आधार पर बैंक से बड़ी राशि का ऋण प्राप्त करने का प्रयास भी किया गया। इस वारदात के बाद से आरोपी लगातार फरार चल रहा था।
गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने कई वर्षों तक बिहार और पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न राज्यों में ठिकाने बदल-बदल कर रहना शुरू कर दिया। न्यायालय ने 28 अगस्त 2015 को आरोपी को धारा 299 सीआरपीसी के तहत मफरूर घोषित कर दिया था। उसकी गिरफ्तारी पर 5 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था।
पुलिस ने तकनीकी शाखा (डीसीपी कार्यालय जयपुर पश्चिम) के सहयोग से आरोपी के संबंध में सूचनाएं एकत्रित कीं। लगातार निगरानी और आसूचना संकलन के बाद पुलिस को आरोपी की लोकेशन का पता चला।
इसके बाद टीम ने जयपुर पश्चिम के खोरा बीसल क्षेत्र में दबिश देकर आरोपी रामप्रसाद कुमावत को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
25 हजार में खरीदी चोरी की स्पोर्ट्स बाइक: खरीदार नाबालिग डिटेन
सोडाला थाना पुलिस ने वाहन चोरी के एक मामले में कार्रवाई करते हुए सिविल लाइंस क्षेत्र से चोरी हुई यामाहा आर-15 स्पोर्ट्स बाइक बरामद कर ली है। पुलिस ने चोरी की बाइक खरीदने वाले एक विधि से संघर्षरत बालक (नाबालिग) को डिटेन किया है। वहीं बाइक चोरी करने वाले मुख्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है।
जयपुर दक्षिण के पुलिस उपायुक्त राजर्षि राज ने बताया कि गंगापोल निवासी जदुवीर सिंह (25) पुत्र नरेंद्र सिंह गौड़ ने सोडाला थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि 3 जून 2026 की रात अपनी यामाहा आर-15 मोटरसाइकिल (आरजे 60 टीएस 1010) को 53-ए, सूरज नगर ईस्ट, सिविल लाइंस स्थित स्थान पर खड़ा किया था। अगले दिन 4 जून की तड़के करीब 2.15 बजे तीन अज्ञात बदमाश बाइक चोरी कर ले गए। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
सहायक पुलिस आयुक्त (सोडाला) सुनील प्रसाद शर्मा ने बताया कि इस मामला में विशेष टीम का गठन किया गया। टीम में थानाधिकारी बलबीर सिंह, हेड कांस्टेबल रामनारायण, साइबर सेल के हेड कांस्टेबल लोकेश कुमार तथा कांस्टेबल जयपाल और निरपत शामिल थे। पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया तथा तकनीकी संसाधनों की मदद से चोरों के भागने के मार्ग का पीछा किया।
जांच के दौरान टीम दौसा,महवा होते हुए भरतपुर पहुंची। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक युवक चोरी की मोटरसाइकिल बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। जांच में वह विधि से संघर्षरत बालक निकला। पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि उसने यह बाइक सतवीर उर्फ सत्या गुर्जर और भूरा गुर्जर से खरीदने का सौदा किया था। मोटरसाइकिल की कीमत 25 हजार रुपए तय हुई थी, जिसमें से वह आरोपियों को 8 हजार रुपए अग्रिम राशि भी दे चुका था।
पुलिस ने नाबालिग के कब्जे से चोरी की गई यामाहा आर-15 मोटरसाइकिल बरामद कर ली और नियमानुसार उसे बाल संप्रेषण गृह भिजवा दिया। वहीं नाबालिग से मिले सुरागों के आधार पर मुख्य आरोपी सतवीर उर्फ सत्या गुर्जर और भूरा गुर्जर की तलाश की जा रही है। पुलिस उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे वाहन चोरी गिरोह के संबंध में महत्वपूर्ण खुलासे किए जा सकते हैं।



















