गुरु-शिष्या के पवित्र रिश्ते को कलंकित करने वालों को 20-20 साल की सजा

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जयपुर। जयपुर ग्रामीण जिले के जोबनेर थाना क्षेत्र में नाबालिग छात्रा के अपहरण, दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के बहुचर्चित मामले में पोक्सो न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी शिक्षक और उसके सहयोगी को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों आरोपियों पर लाखों रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जयपुर रेंज पुलिस की प्रभावी जांच, मजबूत चार्जशीट और विशेष लोक अभियोजक की सशक्त पैरवी के चलते पीड़िता को न्याय मिला।

जयपुर रेंज पुलिस महानिरीक्षक राहुल प्रकाश ने बताया कि जोबनेर थाना क्षेत्र में एक शिक्षक द्वारा अपनी नाबालिग छात्रा का अपहरण कर उसके साथ बार-बार दुष्कर्म करने का गंभीर मामला सामने आया था। प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य सरकार ने महानिदेशक पुलिस की अनुशंसा पर वरिष्ठ अधिवक्ता महावीर सिंह किशनावत को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया था।

घटनाक्रम के अनुसार 2 जनवरी 2024 को पीड़िता के परिजनों ने जोबनेर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग बेटी लापता है और उन्हें उसके स्कूल शिक्षक अफजल खान पर संदेह है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सिरसा (हरियाणा) से आरोपी अफजल खान को गिरफ्तार कर नाबालिग को सुरक्षित दस्तयाब किया।

जांच के दौरान पीड़िता ने बताया कि आरोपी शिक्षक अफजल खान उसे स्कूल में पढ़ाता था। उसने धोखे से उसके साथ दुष्कर्म किया और मोबाइल से अश्लील फोटो एवं वीडियो बना लिए। बाद में इन्हें वायरल करने की धमकी देकर वह लगातार ब्लैकमेल करता रहा तथा विभिन्न स्थानों पर ले जाकर कई बार दुष्कर्म किया।

पीड़िता के अनुसार 1 जनवरी 2024 को अफजल खान और उसके सहयोगी रामस्वरूप ने मिलकर उसका अपहरण किया। रास्ते में रामस्वरूप उतर गया, जबकि अफजल उसे कार में दिल्ली रोड होते हुए हरियाणा ले गया और वहां भी दुष्कर्म किया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन थानाधिकारी एवं अनुसंधान अधिकारी एसआई धर्मसिंह गुर्जर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करवाया। जयपुर रेंज पुलिस ने इस मामले को ‘केस ऑफिसर स्कीम’ के तहत शामिल कर समयबद्ध निगरानी में जांच करवाई।

पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्य जुटाकर रिकॉर्ड समय में पोक्सो न्यायालय, जयपुर में दोनों आरोपियों के खिलाफ पोक्सो एक्ट और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न गंभीर धाराओं में चार्जशीट पेश की।

विशेष लोक अभियोजक महावीर सिंह किशनावत ने अदालत में प्रभावी पैरवी करते हुए 16 गवाहों के बयान दर्ज करवाए, 68 महत्वपूर्ण दस्तावेज और 12 आर्टिकल साक्ष्य के रूप में पेश किए। अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर आरोप पूरी तरह साबित हो गए।

बुधवार को पोक्सो न्यायालय, जयपुर के न्यायाधीश डॉ. कैलाश चन्द्र अटवासिया ने फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी अफजल खान निवासी ड्योडी, फुलेरा को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 2.75 लाख रुपए के जुर्माने से दंडित किया।

वहीं सहयोगी आरोपी रामस्वरूप निवासी लक्ष्मीपुरा, जोबनेर को अपहरण और षड्यंत्र में सहयोग करने का दोषी मानते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास तथा 1.75 लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।

पुलिस अधिकारियों ने इसे केस ऑफिसर स्कीम के तहत प्रभावी अनुसंधान और मजबूत पैरवी का महत्वपूर्ण उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने के लिए आगे भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।

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