जयपुर। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) ने उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक प्रकरण में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभ्यर्थी बृजेश कुमार मीणा निवासी महुआ जिला दौसा ने परीक्षा से पहले लीक हुआ सॉल्वड पेपर पढ़कर लिखित परीक्षा उत्तीर्ण की थी, लेकिन शारीरिक दक्षता परीक्षा में असफल होने के कारण उसका अंतिम चयन नहीं हो पाया। फिलहाल आरोपित से एसओजी टीम पूछताछ करने में जुटी है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि जांच में सामने आया कि दौसा जिले के महुआ क्षेत्र के टिकरी जाफरान निवासी बृजेश के पिता स्वरूपचंद मीणा ने पेपर लीक गिरोह के सरगना हर्षवर्धन कुमार मीणा से 45 लाख रुपए में सौदा किया था। इसके बाद परीक्षा से पहले बृजेश को लीक हुआ सॉल्वड पेपर उपलब्ध कराया गया। जिसे पढ़कर उसने 15 सितंबर 2021 को अजमेर में आयोजित परीक्षा दी।
एसओजी के अनुसार बृजेश ने हिंदी विषय में 200 में से 116.23 अंक तथा सामान्य ज्ञान में 200 में से 126.01 अंक हासिल किए थे। लिखित परीक्षा पास करने के बावजूद वह फिजिकल टेस्ट में असफल रहा और चयन से वंचित रह गया।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अन्य भर्ती परीक्षाओं में भी अनियमितताओं में शामिल रहा है। वर्ष 2022 की हाईकोर्ट एलडीसी भर्ती परीक्षा में उसने अपनी जगह डमी अभ्यर्थी को बैठाकर चयन हासिल किया था, जबकि एमटीएस भर्ती परीक्षा-2022 में वह स्वयं किसी अन्य अभ्यर्थी की जगह डमी कैंडिडेट बनकर परीक्षा देने पहुंचा था। इन दोनों मामलों में भी उसके खिलाफ अलग-अलग प्रकरण दर्ज हैं।
एसओजी ने बताया कि पेपर लीक गिरोह के सरगना हर्षवर्धन कुमार मीणा और आरोपी के पिता स्वरूपचंद मीणा को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है तथा उनके खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र भी पेश किया जा चुका है। एसआई भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में अब तक कुल 145 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। फिलहाल बृजेश कुमार मीणा से पूछताछ कर मामले की गहन जांच की जा रही है।



















