रथयात्रा महोत्सव: 16 जुलाई को चांदी के रथ पर विराजेंगे गौर गोविंद

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Rath Yatra Festival: Gaur Govind to be seated on a silver chariot on July 16.
Rath Yatra Festival: Gaur Govind to be seated on a silver chariot on July 16.

जयपुर। आराध्य देव ठाकुर श्री गोविंद देवजी महाराज में 16 जुलाई को आषाढ़ शुक्ल द्वितीया (संवत् 2083) के अवसर पर पारंपरिक रथयात्रा महोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। महंत एवं एकल न्यासी अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में आयोजित होने वाले इस महोत्सव में विशेष धार्मिक अनुष्ठान और ‘गौर गोविंद जी’ की महिमा से जुड़ी कथा का आयोजन होगा।

मंदिर सेवा अधिकारी मानस गोस्वामी के अनुसार कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 6 बजे होगी। इस दौरान ‘गौर गोविंद जी’ के श्रीविग्रह को चांदी के रथ पर विराजमान कर मंदिर परिसर में ठाकुरजी की चार परिक्रमा करवाई जाएगी। इसके बाद पारंपरिक विधि-विधान के साथ रथयात्रा महोत्सव मनाया जाएगा।

मंदिर की मान्यता के अनुसार ‘गौर गोविंद जी’ का इतिहास गौड़ीय वैष्णव परंपरा से जुड़ा है। भगवान श्री गोविंद देवजी का श्रीविग्रह श्री चैतन्य महाप्रभु के आदेश पर वृंदावन के गौमाटीला से श्रील रूप गोस्वामी को प्राप्त हुआ था।

महाप्रभु के अस्वस्थ होने पर उनके निर्देश से अष्टधातु का ‘गौर गोविंद’ विग्रह तैयार कर उसमें शक्ति का संचार किया गया और काशीश्वर पंडित के माध्यम से वृंदावन भेजा गया। वहां इसे श्री गोविंद देवजी के दाहिनी ओर प्रतिष्ठित किया गया। जयपुर में श्री गोविंद देवजी के आगमन के बाद से यह विग्रह आज भी उसी स्वरूप में विराजमान है। मान्यता है कि बाद में श्री चैतन्य महाप्रभु जगन्नाथ पुरी में अंतर्ध्यान होकर इसी ‘गौर गोविंद’ विग्रह में सदा के लिए समाहित हो गए।

मंदिर प्रशासन ने बताया कि देश-विदेश के श्रद्धालु ऑनलाइन माध्यम से भी रथयात्रा महोत्सव से जुड़ सकेंगे। मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट और ‘गोविंदधाम’ मोबाइल ऐप के माध्यम से दर्शन एवं अन्य जानकारी उपलब्ध रहेगी। श्रद्धालु मंदिर के फेसबुक, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से भी जुड़ सकते हैं। रथयात्रा महोत्सव को लेकर मंदिर में तैयारियां अंतिम चरण में हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

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