जयपुर। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष ‘म्यूल हंटर अभियान’ के तहत जयपुर पश्चिम पुलिस ने साइबर अपराधियों और फर्जी बैंक खातों (म्यूल अकाउंट) के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पांच शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। चार अन्य आरोपियों को नामजद किया गया है, जबकि दो आरोपियों को बीएनएस की धारा 170 के तहत गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) प्रशांत किरण ने बताया कि मई और जून 2026 के दौरान साइबर ठगी से जुड़ी 2.85 करोड़ की राशि होल्ड (फ्रीज) कराई गई। वहीं त्वरित कार्रवाई करते हुए 97 लाख की ठगी गई रकम पीड़ितों के खातों में वापस दिलाई गई। इसी अवधि में सीईआईआर पोर्टल की सहायता से करीब ₹40 लाख कीमत के 215 गुम मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए गए। साइबर अपराध में इस्तेमाल हो रहे 300 मोबाइल फोन के आईएमईआई नंबर भी ब्लॉक कराए गए, जिनकी अनुमानित कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक है।
पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) ने बताया कि करधनी थाना पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया, जो फोनपे का क्लोन एप बनाकर दुकानदारों को फर्जी सफल भुगतान का स्क्रीनशॉट दिखाकर सामान और नकदी ठगता था। पूछताछ में उसने 50 से अधिक वारदातें करना स्वीकार किया है। इसी थाना क्षेत्र में एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जिसके बैंक खातों में करीब ₹1.25 करोड़ का संदिग्ध लेन-देन मिला। वह कमीशन लेकर अपने बैंक खाते साइबर ठगों को उपलब्ध कराता था। वहीं बिंदायका थाना पुलिस ने फेसबुक पर सस्ते टूर पैकेज का झांसा देकर एडवांस राशि हड़पने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपी फर्जी विज्ञापन देकर भुगतान लेने के बाद मोबाइल बंद कर देते थे। इनके खिलाफ विभिन्न राज्यों से शिकायतें दर्ज हैं।
इसके अलावा खोरा बिसल थाना पुलिस ने ओएलएक्स पर मोबाइल बेचने के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया। वह कम कीमत में मोबाइल बेचने का लालच देकर पहले ऑनलाइन भुगतान करवाता और बाद में संपर्क तोड़ देता था। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 8 मोबाइल फोन, 11 सिम कार्ड, 25 क्रेडिट कार्ड और 3 बैंक पासबुक बरामद किए हैं। जब्त सामग्री की तकनीकी जांच की जा रही है।
साथ ही जयपुर पश्चिम साइबर सेल के अनुसार 1 जनवरी 2025 से 30 जून 2026 तक कुल 35 प्रकरण दर्ज कर 192 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। साथ ही 70 से अधिक जन-जागरूकता अभियान चलाकर 25 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और सोशल मीडिया के माध्यम से करीब 1.50 लाख लोगों को जागरूक किया गया। पुलिस के अनुसार इन प्रयासों से जयपुर पश्चिम क्षेत्र में साइबर अपराधों में 16.59 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।



















