जयपुर। विदेश भेजने और नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से साइबर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ जयपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर में संचालित तीन फर्जी कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ किया है। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सीएसटी और एनडीपीएस यूनिट ने बुधवार को महेश नगर और जालूपुरा थाना क्षेत्रों में एक साथ छापेमारी कर 22 युवक-युवतियों को हिरासत में लिया। सभी को अग्रिम कार्रवाई के लिए संबंधित थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।
स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने बताया कि गिरोह अखबारों और सोशल मीडिया पर विदेश में आकर्षक नौकरी दिलाने के विज्ञापन जारी कर बेरोजगार युवाओं को अपने जाल में फंसाता था। इसके बाद विदेश भेजने और नौकरी दिलाने का झांसा देकर विभिन्न बैंक खातों में रुपए जमा करवाए जाते थे। पुलिस पिछले करीब दस दिनों से गिरोह की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के बैंक खाते भी फ्रीज करवा दिए गए हैं। प्रारंभिक जांच में साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं और पूछताछ में कई अहम खुलासे होने की संभावना है।
महिमा ट्रिनिटी मॉल में चल रहा था मुख्य कॉल सेंटर
पुलिस को सूचना मिली थी कि महेश नगर थाना क्षेत्र स्थित महिमा ट्रिनिटी मॉल की पांचवीं मंजिल पर ऑफिस नंबर-35 में फर्जी कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा है। छापेमारी के दौरान कॉल सेंटर संचालक सारांश गोयल और उसका साथी समीर बंसल मौके पर मिले। यहां 10 युवतियों सहित कुल 12 लोग कार्य करते मिले। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गिरोह पीड़ितों को फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर और फर्जी वीजा उपलब्ध कराने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूलता था।
ओके प्लस मॉल और गणपति प्लाजा में भी कार्रवाई
इसके बाद पुलिस टीम ने महेश नगर स्थित ओके प्लस मॉल की छठी मंजिल पर ऑफिस नंबर-608 में छापा मारा, जहां पांच युवतियां कॉल सेंटर का संचालन करती मिलीं। वहीं जालूपुरा थाना क्षेत्र स्थित गणपति प्लाजा में भी इसी तरह का फर्जी कॉल सेंटर संचालित पाया गया, जहां पांच युवतियां कार्यरत थीं। हालांकि दोनों कॉल सेंटरों के संचालक पुलिस कार्रवाई से पहले फरार हो गए।
40 मोबाइल और लैपटॉप जब्त
तीनों कॉल सेंटरों की तलाशी के दौरान पुलिस ने एक लैपटॉप और करीब 40 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। कार्रवाई में कुल 22 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें 2 युवक और 20 युवतियां शामिल हैं। सभी से पूछताछ की जा रही है।
वित्तीय लेन-देन और नेटवर्क की होगी गहन जांच
पुलिस अब कॉल सेंटर संचालकों के बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन, साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क और अन्य संभावित सहयोगियों की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के बाद इस गिरोह से जुड़े कई अन्य साइबर ठगी के मामलों का भी खुलासा हो सकता है।



















