स्कूल व्याख्याता पेपर लीक का मुख्य सरगना विनोद रेवाड़ गिरफ्तार

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जयपुर। राजस्थान की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने स्कूल व्याख्याता भर्ती परीक्षा-2022 के मुख्य आरोपी विनोद कुमार जाट उर्फ विनोद रेवाड़ को चौमूं क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर 20 जुलाई 2026 तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है। उससे पेपर लीक नेटवर्क और अन्य आरोपियों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि प्राध्यापक/स्कूल व्याख्याता (कृषि विज्ञान) भर्ती परीक्षा-2022 के पेपर लीक मामले की जांच में सामने आया कि गिरोह के सरगना अनिल मीणा उर्फ शेर सिंह ने तत्कालीन आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा से करीब 60 लाख रुपए में प्रश्नपत्र खरीदे थे। इसके बाद कृषि विज्ञान, अर्थशास्त्र, भूगोल और शारीरिक शिक्षा विषयों के हलशुदा प्रश्नपत्र विनोद रेवाड़ ने शेर सिंह से करीब 50 लाख रुपए में प्राप्त किए।

जांच में यह भी सामने आया कि विनोद रेवाड़ ने कृषि विज्ञान के अभ्यर्थी अशोक कुमार यादव से 7 लाख रुपए लेकर परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र पढ़ाया। बाद में अशोक चयनित होकर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, दिवराला (श्रीमाधोपुर, सीकर) में व्याख्याता नियुक्त हो गया। इस मामले में एसओजी पहले ही अशोक कुमार यादव (29 अप्रैल 2026), अनिल मीणा उर्फ शेर सिंह (5 मई 2026) और पूर्व आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा (8 मई 2026) को गिरफ्तार कर चुकी है।

एसओजी के अनुसार विनोद रेवाड़ संगठित पेपर लीक गिरोह का सक्रिय सदस्य है और उसका नाम कई अन्य भर्ती परीक्षाओं में भी सामने आया है। एसआई भर्ती परीक्षा-2021 के पेपर लीक मामले (एफआईआर संख्या 10/2024) में उसने आठ अभ्यर्थियों से 10-10 लाख रुपए लेकर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए थे।

इस मामले में उस पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित था और उसे 28 अगस्त 2025 को ओडिशा से गिरफ्तार किया गया था। वरिष्ठ अध्यापक (सेकंड ग्रेड) भर्ती परीक्षा-2022 में सामान्य ज्ञान एवं मनोविज्ञान का पेपर 29 अभ्यर्थियों को पढ़ाकर उसने करीब 57 लाख रुपए वसूले थे।

इस मामले में उसके सहयोगी अरुण शर्मा को 16 अप्रैल 2023 को गिरफ्तार किया गया था। उदयपुर के बेकरिया थाने में दर्ज इस प्रकरण में गिरफ्तारी पर रोक लगाने संबंधी उसकी याचिका 13 जुलाई 2026 को राजस्थान हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी। इसके अलावा ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) भर्ती परीक्षा-2021 के सिरोही कोतवाली थाने में दर्ज मामले में भी वह वांछित है।

जांच में सामने आया कि अनिल मीणा ने कमलेश मीणा के माध्यम से भूपेंद्र सारण से प्रश्नपत्र लेकर हल करवाया और बाद में विनोद रेवाड़ को उपलब्ध कराया। एसओजी अब आरोपी से पूछताछ कर पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों, आर्थिक लेनदेन और विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।

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