जयपुर। बनीपार्क थाना पुलिस ने फर्जी मुख्त्यारनामा (जीपीए) और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपये के जेडीए भूखंडों की बिक्री करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 15 हजार रुपये के इनामी मुख्य सरगना मुनेश कुमार मीणा सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह ने जगतपुरा स्थित एयरपोर्ट एन्क्लेव योजना के दो भूखंडों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर 1.60 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया था। फिलहाल आरोपितों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस उपायुक्त (जयपुर पश्चिम) प्रशांत किरण ने बताया कि परिवादी सुनील खंडेलवाल ने 23 जून 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके और उनकी पत्नी अनिता खंडेलवाल के नाम एयरपोर्ट एन्क्लेव, टीलावाला (जगतपुरा) में जेडीए से आवंटित भूखंड संख्या डी-32 और डी-33 थे। बाद में इन प्लॉटों पर किसी अन्य व्यक्ति द्वारा बाउंड्रीवाल बनाए जाने की जानकारी मिलने पर धोखाधड़ी का खुलासा हुआ।
जांच में सामने आया कि गिरोह ने अनिता खंडेलवाल की जगह आशा बैरवा और सुनील खंडेलवाल की जगह एक अन्य फर्जी व्यक्ति को उप-पंजीयक कार्यालय में प्रस्तुत कर भरतलाल मीणा के पक्ष में फर्जी जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (जीपीए) तैयार करवाई। रजिस्ट्री में पंकज शर्मा और सूरज कुमार को गवाह दिखाया गया, जबकि पंकज शर्मा के नाम पर गौरव मीणा ने हस्ताक्षर कर फोटो खिंचवाई।
बाद में इन्हीं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दोनों प्लॉट पहले ऋषिकेश मीणा के नाम स्थानांतरित किए गए और फिर अजय गुप्ता को 1.60 करोड़ रुपये में बेच दिए गए। वहीं इस मामले में बनीपार्क थाने में मुकदमा दर्ज किया गया और थानाधिकारी मनोज कुमार बेरवाल के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने तकनीकी अनुसंधान और डेटा विश्लेषण के आधार पर गिरोह के मुख्य सरगना मुनेश कुमार मीणा, अशोक मीणा, फर्जी अनिता बनी आशा बैरवा सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि वे पहले जेडीए के महंगे और खाली पड़े भूखंडों की रेकी कर मालिकों की जानकारी जुटाते थे। इसके बाद असली मालिकों की जगह फर्जी महिला-पुरुषों को उप-पंजीयक कार्यालय में खड़ा कर जीपीए तैयार कराते और बाद में प्लॉट बेच देते थे। पुलिस से बचने के लिए हर सौदे में नए गवाहों का इस्तेमाल किया जाता था।
थानाधिकारी मनोज कुमार बेरवाल ने बताया कि मुख्य आरोपी मुनेश कुमार मीणा (40) निवासी वजीरपुर, सवाई माधोपुर हाल निवासी मालवीय नगर, जयपुर) पर जयपुर और गुरुग्राम में ठगी, जालसाजी एवं फर्जी दस्तावेज तैयार करने के 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं। सह आरोपी अशोक मीणा (30) निवासी पिलोदा, गंगापुर सिटी (हाल निवासी महेशनगर, जयपुर) के खिलाफ भी मुहाना थाने में जालसाजी का मामला दर्ज है।
पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और इसी प्रकार की अन्य धोखाधड़ी की घटनाओं की भी जांच कर रही है। इस कार्रवाई करने वाली टीम में हेड कांस्टेबल गणेश कुमार, दिनेश कुमार, कांस्टेबल बलराम, देवेन्द्र, अनन्त, गोगराज, महिला कांस्टेबल मंजू, पूजा, कांस्टेबल मनोज, महिपाल, श्यामलाल तथा तकनीकी शाखा के कांस्टेबल सुनील कुमार शामिल रहे।



















