पिता की हत्या का बदला लेने कैदी को उतारा मौत के घाट

0
49
Prisoner killed to avenge father's murder.
Prisoner killed to avenge father's murder.

जयपुर। करणी विहार थाना इलाके के धावास में सांगानेर खुली जेल के बंदी गंगासहाय कुमावत (45) की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वारदात को अंजाम देने वाले दो शूटरों समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि वर्ष 2018 में हिस्ट्रीशीटर महेंद्र गुर्जर की हत्या का बदला लेने के लिए उसके बेटे आयुष गुर्जर ने गंगासहाय की हत्या की साजिश रची थी।

उसने अपने परिचित सोनू रजक और अमित राणा को 30 हजार रुपए की सुपारी देकर हत्या का टास्क दिया। हथियार आयुष के रिश्ते के मामा और कोतवाली थाने के हिस्ट्रीशीटर कन्हैयालाल गुर्जर ने उपलब्ध करवाए। साजिश का मुख्य आरोपी आयुष वारदात से पहले नेपाल भाग गया। जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।

डीसीपी पश्चिम प्रशांत किरण ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में सोनू रजक (19) निवासी झारखंड हाल गणेश नगर मोती डूंगरी, अमित राणा (22) निवासी गणेश नगर मोती डूंगरी और हथियार उपलब्ध कराने वाला कन्हैयालाल गुर्जर (40) निवासी गोविंद देव कॉलोनी कोतवाली शामिल हैं। दोनों शूटर पिछले करीब 10-15 दिन से गंगासहाय की रेकी कर रहे थे। उन्होंने उसकी बाइक का नंबर नोट कर रखा था और सांगानेर खुली जेल तक जाकर उसकी आवाजाही पर नजर रखते थे।

डीसीपी पश्चिम के अनुसार गंगासहाय वर्ष 2018 में जमीन विवाद को लेकर हिस्ट्रीशीटर महेंद्र गुर्जर की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था। जेल में अच्छे आचरण के कारण उसे सांगानेर स्थित खुली जेल में रखा गया था। खुली जेल के नियमों के तहत उसे दिन में बाहर जाने की अनुमति थी और शाम को वापस जेल लौटना होता था।

बुधवार को अमावस्या के कारण वह घर गया था। शाम को बाइक से खुली जेल लौटते समय धावास की जानकी विहार कॉलोनी में बदमाशों ने उसे घेर लिया। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी हेलमेट पहनकर स्कूटी से आए थे। पीछे बैठे बदमाश ने चलती बाइक पर गंगासहाय पर फायर किया। जिससे वह बाइक समेत सड़क पर गिर गया।

इसी दौरान बदमाशों की स्कूटी भी अनियंत्रित होकर फिसल गई और दोनों नीचे गिर गए। इसके बाद उन्होंने उठकर दोबारा फायरिंग की। पुलिस के मुताबिक देसी पिस्टल से कुल 4-5 राउंड फायर किए गए। गंगासहाय के सिर में भी गोली मारी गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद दोनों स्कूटी लेकर फरार हो गए।

पुलिस जांच में सामने आया कि वर्ष 2018 में जमीन विवाद को लेकर महेंद्र गुर्जर और गंगासहाय के बीच विवाद हुआ था। कहासुनी के दौरान गंगासहाय ने हथौड़े से वार कर महेंद्र की हत्या कर दी थी। इस मामले में गंगासहाय को उम्रकैद की सजा हुई थी। महेंद्र का बेटा आयुष तभी से पिता की हत्या का बदला लेने की फिराक में था। पुलिस के अनुसार उसने अपने पुराने परिचित अमित और सोनू को हत्या के लिए तैयार किया और उन्हें 30 हजार रुपए की सुपारी दी।

आयुष ने पुलिस से बचने के लिए सुपारी देने के करीब तीन दिन बाद ही जयपुर छोड़ दिया और नेपाल चला गया। उसने मोबाइल फोन और संपर्क भी बंद कर दिए। पुलिस को उसके किसी अन्य राज्य में भी जाने की आशंका है। आयुष झोटवाड़ा में ई-मित्र की दुकान चलाता था।

पुलिस ने वारदात के बाद इलाके में नाकाबंदी कर सीसीटीवी फुटेज खंगाले। वारदात में इस्तेमाल स्कूटी के नंबर और फुटेज के आधार पर पुलिस ने सोनू और अमित की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया। पूछताछ में हथियार उपलब्ध कराने वाले कन्हैयालाल गुर्जर का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। कन्हैयालाल कोतवाली थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ पहले से कई गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं। पुलिस अब मुख्य साजिशकर्ता आयुष की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।

वहीं गंगासहाय के भाई नेमीचंद ने करणी विहार थाने में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अमावस्या के कारण गंगासहाय घर आया था और शाम को बाइक से सांगानेर खुली जेल लौट रहा था। इसी दौरान जानकी विहार कॉलोनी में स्कूटी सवार दो बदमाशों ने उसे गोली मार दी। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों तक पहुंच बनाई।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here